बिहार शराबबंदी पर बड़ा सवाल, छपरा जहरीली शराब कांड मामले में 100 से अधिक गिरफ्तार

देश

* पिछले 1 साल में छपरा में जहरीली शराब से 50 से अधिक हुई मौत

* प्रशासन के आंकड़े में कई मौतों का नहीं है हिसाब

* छपरा के मकेर में शराब कांड से शराबबंदी कानून पर उठने लगा सवाल

पटना/ छपराः   छपरा जहरीली शराब कांड में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। दोषियों की धर-पकड़ के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। पुलिस अभी तक 100 से ज्‍यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुकी है। इस मामले में अभी भी छापेमारी की जा रही है। बता दें कि छपरा जहरीली शराब कांड में 11 लोगों की मौत के बाद बिहार का पूरा प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है। प्रदेश में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद भी इस तरह की घटना सामने आने से कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। छपरा के मकेर और भेल्दी में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत हो गई है। 25 के करीब बीमार लोगों का इलाज जारी है।

छपरा में कुल 11 लोगों की मौत हुई है, लेकिन सारण के कलेक्‍टर राजेश मीणा ने 10 लोगों की मौत की ही पुष्टि की है। सारण के पुलिस अधीक्षकर संतोष कुमार ने बताया कि पारंपरिक तौर पर सावन की आखिरी सप्ताह में खास पूजा की जाती है और लोग इस पूजा के बाद शराब का सेवन करते हैं। गांववालो ने इसी परंपरा के तहत पहले पूजा की और फिर शराब का सेवन किया। इसके बाद लोगों की हालत बिगड़ने लगी थी और 10 लोगो की मौत हो गई। एसपी ने बताया कि मामला दर्ज कर आगे की कारवाई की जा रही है। जानकारी मिली है कि शराब के अवैध सिंडिकेट से जुड़े है 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मद्य निषेध विभाग ने 89 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्‍होंने बताया कि स्थानीय चौकीदार और स्थानीय थाना को इसकी जानकारी होनी चाहिए थी। एसपी संतोष कुमार ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर स्थानीय चौकीदार और थानेदार को निलंबित कर दिया गया है।

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