भाजपा के धरना देने का औचित्य नहीं, बिहार के सभी जिलों में फ्लॉप : डॉ. रणबीर नंदन

देश
  • भाजपा कार्यकर्ताओं का बड़ा वर्ग नीतीश कुमार को पसंद करता है और भाजपा के भितरघाती चरित्र को नापसंद करता है: डॉ.रणबीर नंदन
  • नीतीश कुमार की स्वीकार्यता ऐसी है कि अधिकतर लोग इस धरना से दूर हैंः डॉ.रणबीर नंदन
  • राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने भाजपा के भितरघाती चेहरे को उजागर किया है और उसे सत्ता से उखाड़ फेंकने की जो योजना बनाई है, बिहार का युवा उत्साहित है:डॉ.रणबीर नंदन
  • बिहार का युवा वर्ग सामाजिक समरसता और साम्प्रदायिक सौहार्द्र में विश्वास करता है:डॉ.रणबीर नंदन
  • आने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा बिहार में खाता भी नहीं खोल पाएगी: डॉ.रणबीर नंदन

बिहार में सरकार से हटने के बाद भाजपा के नेता अलग अलग जिलों में धरना दे रहे हैं। इस पर जदयू के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधान पार्षद डॉ. रणबीर नंदन ने कहा कि भाजपा के सभी केंद्रीय मंत्रियों, पूर्व मंत्री, सांसदों के जिलों में भी भाजपा का धरना पूरी तरह फ्लॉप रहा। दरअसल, भाजपा के इस धरना का औचित्य आम जनता तो दूर उसके कार्यकर्ता भी नहीं समझ पा रहे हैं। भाजपा भितरघात कर रही थी, यह सबको पता था। तो किस नैतिकता के बूते वे धरना पर बैठेंगे। केंद्र में भाजपा की सरकार की नीतियों के कारण जनता का समर्थन अब है नहीं तो लोग कैसे बिना औचित्य धरना पर बैठ जाएं?

डॉ. नंदन ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं का बड़ा वर्ग नीतीश कुमार को पसंद करता है और भाजपा के भितरघाती चरित्र को नापसंद करता है। बिहार में भाजपा कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार का सुशासन सरकार में रह कर भी देखा है और विपक्ष में भी। नीतीश कुमार की स्वीकार्यता ऐसी है कि अधिकतर लोग इस धरना से दूर हैं। प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल का राजनीतिक चरित्र पिछले कई महीनों से सभी देख रहे हैं। सरकार में रहकर भी उन्होंने जैसी साजिश की है वो क्षम्य नहीं है। संजय जायसवाल की जिम्मेदारी थी कि वे भाजपा के उन नेताओं को चुप कराते जो सरकार के बारे में अफवाह फैला रहे थे लेकिन वे तो खुद अफवाह फैलानों वालों के सरगना बन बैठे थे।

डॉ. नंदन ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह जी ने जिस प्रकार भाजपा के भितरघाती चेहरे को उजागर किया है और उसे सत्ता से उखाड़ फेंकने की जो योजना बनाई है, बिहार का युवा उत्साहित है। बिहार का युवा वर्ग सामाजिक समरसता और साम्प्रदायिक सौहार्द्र में विश्वास करता है। आने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा बिहार में खाता भी नहीं खोल पाएगी।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने दो करोड़ युवकों को रोजगार देने की बात कही थी, नहीं मिला। महंगाई चरम पर है। साम्प्रदायिक सौहार्द्र बिगड़ा हुआ है। सभी धर्मों के लोग अब असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। भाजपा ने आह्वान किया है कि वह क्षेत्रीय दलों का अस्तित्व नहीं रहने देगी। ऐसी अलोकतांत्रिक परिस्थिति में मान्यवर नीतीश कुमार जी ने भाजपा के खिलाफ सभी दलों को एक प्लेटफॉर्म पर आने का आह्वान किया है। जो देश के लोकतंत्र और संविधान के लिए जरुरी है। अब इसी से देश का भविष्य तय होगा।

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