टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, स्टार्टअप व सहकारी समितियों को राहत

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नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2022-23 में आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। स्टार्टअप और सहकारी समितियों को राहत दी गई है। कोविड महामारी को देखते हुए योग्य स्टार्टअप को टैक्स राहत देने की अवधि एक साल और बढ़ा दी गई है। अब वे इसका लाभ 31 मार्च 2023 तक ले सकते हैं।

सहकारी समितियों के लिए वैकल्पिक न्यूनतम कर भुगतान 18.5 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत किया गया है। सहकारी समिति और कंपनियों के लिए अब समान अवसर उपलब्ध होंगे। वैसी सहकारी समितियां जिनकी कुल आमदनी एक करोड़ से दस करोड़ रुपए तक है उनके लिए सरचार्ज दर 12 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत की गई है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का मकसद कर प्रणाली को स्थिर एवं सरल बनाना है। साथ ही मुकदमेबाजी को भी कम करना है।

अतिरिक्त टैक्स जमा कर अपडेटेड रिटर्न फाइल करने का भी प्रावधान किया गया है। करदाता आय के आकलन में की गई गलतियों को सुधार कर अपडेट रिटर्न फाइल कर सकते हैं। यह रिटर्न आकलन वर्ष के अंत से दो वर्षों के भीतर दाखिल की जा सकती है।

वित्त मंत्री ने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया डिजिटल करेंसी लांच करेगा। वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति (क्रिप्टो करेंसी) के लिए विशेष कर प्रणाली लागू की गई है। किसी भी वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति के ट्रांसफर से होने वाली आय पर टैक्स दर तीस प्रतिशत होगी। एक निश्चित सीमा से ऊपर की रकम पर एक प्रतिशत की दर से टीडीएस भी देना होगा।

एनपीएस खाते में राज्य सरकार के कर्मचारियों के नियोक्ता के योगदान पर कर कटौती की सीमा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत की गई है। इससे राज्य सरकार के कर्मियों को केंद्रीय कर्मचारियों के समान सामाजिक सुरक्षा लाभ मिल सकेगा।

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