मुख्यमंत्री ने जनता दरबार में सुनी 68 शिकायत, अधिकारियों को दिए मामले की जांच करने के निर्देश

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पटनाः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 4, देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित ‘जनता के दरबार में  मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में शामिल हुए। जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए।

                                                आज ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में  सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग,  पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, वित्त विभाग, संसदीय कार्य विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कला संस्कृति एवं युवा विभाग, श्रम संसाधन विभाग तथा आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित मामलों पर सुनवाई हुयी। 

                                      वैशाली से आई एक महिला ने मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उनके पति की मौत कोरोना से हो गई थी। मुआवजा राशि के लिए सरकारी दफ्तर का चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक मुआवजे की राशि नहीं मिली है। वहीं अररिया से आये एक फरियादी ने मुख्यमंत्री से कहा कि हमारे भाई की 2021 में कोरोना से मौत हो गई है। लेकिन मुआवजे की राशि के लिए लगातार दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन अब तक सहायता राशि नहीं मिल सकी है। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच करते हुए उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

पटना साइंस कॉलेज से आयी हुई छात्रा प्रगति राज ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि मेरा स्कॉलरशीप मैट्रिक और इंटर पास करने पर दिया जाता है वो अब तक नहीं मिल पाया है। वहीं एक छात्र ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि उसका एडमिशन राजकीय आइटीआई संस्थान में हुआ था। जब वह पढ़ाई करने के लिए आइटीआइ पहुंचा तो पता चला कि वहां पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक ही नहीं है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

आरा से आए एक फरियादी ने गुहार लगाते हुए कहा कि आपके द्वारा वर्ष 2007 में दो छात्रावास का निर्माण करवाया गया था। जीरो माईल पर यूनिवर्सिटी कैंपस में नूतन परिसर बना हुआ है। लेकिन छात्रावास जब से बना है उसमें एक भी छात्र नहीं रहते हैं। इसके सही देखरेख से शाहाबाद प्रक्षेत्र के चार जिलों के छात्र लाभान्वित होंगे। पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग के बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री ने मामले की जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

एक छात्र ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए बताया कि एक छात्र ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि उसे स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का दो बार लाभ मिल चुका है लेकिन अब कहा जा रहा है कि उसका नाम लिस्ट में नहीं है। वहीं एक छात्र ने बताया कि उसका नामांकन राजकीय आईटीआई संस्‍थान में हुआ है। लेकिन संस्‍थान में उसे बताया गया कि वहां पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक ही नहीं है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को जांचकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

एक सरकारी कर्मचारी ने मुख्यमंत्री से फरियाद करते हुए कहा कि उसे विपश्‍यना केंद्र में 15 दिनों के मेडिटेशन कोर्स के लिए विभाग द्वारा अवकाश नहीं दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पर कहा कि इसके लिए तो सरकार ने आदेश जारी कर दिया था। वहीं पूर्वी चंपारण से आयी एक महिला ने मुख्यमंत्री से शिकायत करते हुए कहा कि वर्ष 2018 में आंगनबाड़ी चयन को लंबित रखा गया है।  मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग से कहा कि इसकी जांचकर उचित कदम उठाया जाए।

आरा से आए एक छात्र ने गुहार लगाते हुए कहा कि वर्ष 2019 में स्नातक पास करने के उपरांत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूं। एक साल से आवेदन देकर रखा हूं मगर यूनिवर्सिटी द्वारा मेरी डिग्री को निर्गत नहीं किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

समाज कल्याण विभाग के तहत आंगनबाड़ी बहाली में हो रही गड़बड़ी और लगातार मिल रही शिकायत पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार इस तरह की शिकायत मिल रही है। आपलोग बहाली को लेकर विस्तृत समीक्षा कीजिए। किस तरह से बहाली हो रही है। अन्य तमाम बिंदू पर विस्तृत समीक्षा करने का निर्देश दिया। इस मामले पर अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 68 कंप्लेन समाज कल्याण विभाग के आये हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में शिकायत आ रही है तो व्यापक स्तर पर देखना होगा और पूरी तरह से जांचकर उचित कदम उठाएँ।

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