पटना, 19 मई 2026 — जनता दल (यूनाइटेड) ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी और उद्योग-अनुकूल नीतियों के कारण पूर्वी चंपारण जिला औद्योगिक विकास के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। राज्य सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर), कानून-व्यवस्था और कनेक्टिविटी में किए गए व्यापक सुधारों ने चंपारण को निवेशकों के लिए एक पसंदीदा हब बना दिया है।
जद(यू) के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार के हर क्षेत्र को संतुलित रूप से विकसित करने का प्रयास किया गया है। इसी का परिणाम है कि कभी कृषि प्रधान माने जाने वाले पूर्वी चंपारण में अब कई छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों (MSMEs) के साथ-साथ कृषि-आधारित उद्योगों (Agro-based industries) और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना हो रही है।
पार्टी ने राज्य सरकार की हालिया नीतियों के सकारात्मक प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा:
- सड़क और कनेक्टिविटी का जाल: चंपारण क्षेत्र में सड़कों और फोर-लेन हाईवे के निर्माण से लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई बेहद आसान हो गई है। नेपाल सीमा से निकटता के कारण यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिहाज से भी रणनीतिक रूप से मजबूत हुआ है।
- निवेशकों का बढ़ता भरोसा: मुख्यमंत्री उद्यमी योजना और बिहार स्टार्टअप पॉलिसी जैसी पहलों ने स्थानीय युवाओं और नए उद्यमियों को काफी संबल दिया है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
- कृषि और उद्योग का समन्वय: पूर्वी चंपारण में मखाना, केला और गन्ने की प्रचुरता को देखते हुए फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को विशेष बढ़ावा दिया गया है, जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है।
जद(यू) का मानना है कि पूर्वी चंपारण की यह औद्योगिक प्रगति इस बात का जीता-जागता सबूत है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ‘न्याय के साथ विकास’ का संकल्प धरातल पर पूरी मजबूती से उतर रहा है और आने वाले दिनों में यह जिला पूरे राज्य के लिए औद्योगिक मॉडल बनेगा।

