पटनाः गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवार प्रो.(डॉ.) नवल किशोर यादव इन दिनों व्यापक जनसंपर्क अभियान में जुटे हैं। विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों का दौरा कर वे शिक्षकों से संवाद स्थापित कर रहे हैं तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को अपनी प्राथमिकता बता रहे हैं। हलांकि प्रो. नवल किशोर यादव चुनाव जितने के बाद भी कभी बैठते नहीं हैं बल्कि लगातार अपने शिक्षक हित की लड़ाई लड़ते रहते हैं। सभी से मिलते रहते हैं। उनके मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक उठाते रहते हैं।
शिक्षक समाज के बीच प्रो.(डॉ.) नवल किशोर यादव की पहचान एक शिक्षाविद, सहज व्यक्तित्व और संवादशील नेतृत्व के रूप में की जाती है। अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान वे लगातार यह संदेश दे रहे हैं कि शिक्षक केवल शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज निर्माण के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उनका कहना है कि शिक्षक हितों की रक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। इतना ही शिक्षक समाज का भी इन्हें भरपूर समर्थन मिल रहा है। हर स्कूल कॉलेज में इनके लिए शिक्षक आगे आकर काम कर रहे हैं।
चुनावी अभियान के दौरान वे नियमित शिक्षकों के साथ-साथ वित्त रहित शिक्षकों, अतिथि शिक्षकों (गेस्ट फैकल्टी) तथा अन्य शिक्षाकर्मियों से भी मुलाकात कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुन रहे हैं। शिक्षक समुदाय के बीच यह चर्चा है कि शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सदन और संबंधित मंचों तक प्रभावी ढंग से उठाने के लिए एक अनुभवी और शिक्षण क्षेत्र की समझ रखने वाले प्रतिनिधि की आवश्यकता है।
प्रो.(डॉ.) नवल किशोर यादव का व्यक्तित्व सादगी, शालीनता और सहज उपलब्धता के कारण भी चर्चा में है। उनके समर्थकों का कहना है कि वे लंबे समय से शिक्षकों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझते रहे हैं और संवाद के माध्यम से समाधान खोजने का प्रयास करते हैं। यही कारण है कि उनके जनसंपर्क अभियान को विभिन्न शिक्षण संस्थानों में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
जनसंपर्क के दौरान प्रो.(डॉ.) नवल किशोर यादव ने कहा कि शिक्षक समाज का सम्मान, शिक्षा व्यवस्था की मजबूती और शिक्षकों की आवाज़ को प्रभावी ढंग से उठाना उनका प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे शिक्षा और शिक्षक हितों को प्राथमिकता देने वाले नेतृत्व का समर्थन करें।
गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां तेज़ होने के साथ ही विभिन्न शिक्षक संगठनों और मतदाताओं के बीच भी व्यापक चर्चा का माहौल है। ऐसे में शिक्षक हितों, शिक्षा सुधार और संवाद आधारित नेतृत्व को लेकर प्रो.(डॉ.) नवल किशोर यादव का अभियान चुनावी परिदृश्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रो. नवल किशोर यादव जब से सदन में पहुंचे हैं तब से लेकर आजतक शिक्षक हितों की ही बात करते हैं और सदन की पटल पर रखते हैं। कई बार तो वे अपनी पार्टी की नीतियों के इतर अपनी राय रखते हैं जब शिक्षकों के हित की बात होती है। इसलिए इस बार भी प्रो. नवल किशोर यादव के प्रति शिक्षकों का रुझान देखने को मिल रहा है।

