शैलेंद्र श्रीवास्तव बिहार में सड़क हादसों का कहर, दो दिनों में तीन डॉक्टर समेत सात लोगों की मौत
पटना/हाजीपुर/जयनगर/बक्सर। बिहार में लगातार हो रहे सड़क हादसों ने एक बार फिर राज्य की सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते दो दिनों के भीतर अलग–अलग सड़क दुर्घटनाओं में तीन डॉक्टरों समेत कुल सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
शनिवार की सुबह अररिया सदर अस्पताल में पदस्थापित जनरल सर्जन डॉ. जितेंद्र प्रसाद और उनकी पत्नी ज्योत्सना प्रसाद की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह दुर्घटना वैशाली जिले के सराय थाना क्षेत्र अंतर्गत टोल प्लाजा के पास हुई। बताया जा रहा है कि घने कोहरे के कारण डॉक्टर की कार एक कंटेनर से टकरा गई, जिससे डॉ. जितेंद्र प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल उनकी पत्नी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया।
इसी तरह जयनगर के मशहूर चिकित्सक डॉ. त्रिपुरारी प्रसाद की भी सड़क हादसे में जान चली गई। शुक्रवार की शाम वे अपनी पत्नी डॉ. अनु सिन्हा के साथ जयनगर से पटना जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार एक ट्रक से जा टकराई। हादसे में डॉ. त्रिपुरारी प्रसाद की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी घायल हो गईं। इलाज के बाद वे अपने घर जयनगर लौट आईं।
वहीं रविवार की सुबह एक और भीषण हादसा हुआ। चार श्रद्धालु अपनी कार से बक्सर की ओर जा रहे थे, तभी उनकी कार अचानक दो ट्रकों के बीच फंस गई। भीषण टक्कर में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
लगातार हो रही इन घटनाओं से पूरे राज्य में शोक का माहौल है। सड़क सुरक्षा को लेकर समय–समय पर चर्चाएं और दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद इस तरह के दर्दनाक हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।

