बिहार शरीफ, नालंदाः Allama Iqbal College में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं के योगदान और समर्पण को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच संवाद का एक सशक्त वातावरण देखने को मिला, जिसने पूरे परिसर को भावनात्मक और प्रेरणादायक बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध पंक्तियों से हुई-“गुरु तेरे उपकार का, कैसे चुकाऊं मैं मोल,
लाख कीमती धन भला, गुरु हैं मेरे अनमोल।” इन पंक्तियों ने शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना को और भी गहरा कर दिया।
सन् 1978 में स्थापित यह सह-शिक्षा संस्थान नालंदा जिले के प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों में से एक है, जो विद्यार्थियों को न केवल शिक्षा बल्कि समग्र विकास के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षक और शिक्षिका (भाई-बहन) के बीच शिक्षण के साथ-साथ समृद्ध संवाद ने सभी को प्रभावित किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रो. नवल किशोर यादव ने कॉलेज की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान ही समाज को सही दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि समाज के भविष्य का निर्माण करने वाले होते हैं।
प्रो. यादव ने अपने संबोधन में शिक्षकों के समर्पण, अनुशासन और विद्यार्थियों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी ऐसे शिक्षकों का होना समाज के लिए गर्व की बात है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने इस मुलाकात को अविस्मरणीय बताया और शिक्षकों के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल शिक्षा के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि गुरु-शिष्य संबंधों की गरिमा को भी उजागर करता है।

