
डॉ. सुरेन्द्र सागर, आरा
भारतीय राजनीति के सुपर फ्लॉप शहजादे हैं राहुल गाँधी
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर जमकर हमला बोलते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रहित में की गई “सात अपीलों” को ‘उपदेश’ कहना राहुल गांधी की संकीर्ण मानसिकता एवं उनकी फ्लॉप राजनीति का उदाहरण है।राहुल गाँधी का बयान उनकी अज्ञानता को दर्शाता है और उनका यह बयान देश की बहुसंख्यक जनता का अपमान भी है।ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि जो व्यक्ति विदेश की धरती पर जाकर अपने ही देश का अपमान करता हो और जो हमेशा विदेशी ताकतों के एजेंडे को हवा देता हो, उसे राष्ट्रनीति के ककहरे का ज्ञान कभी नहीं हो सकता। राहुल गांधी जैसे ‘फ्लॉप शहजादे’ को यह समझ लेना चाहिए कि देश उनके बचकाने बयानों से नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत संकल्पों और जनता के अटूट भरोसे से चलता है। ऋतुराज सिन्हा ने तीखे लहजे में कहा कि जब विश्व एक गंभीर संकट के मुहाने पर खड़ा है, तब प्रधानमंत्री ने देश को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए जनता से सहयोग मांगा है। इसे सरकार की ‘नाकामी’ बताना न केवल झूठ है, बल्कि उन करोड़ों देशभक्त नागरिकों के संकल्प का अपमान भी है जो राष्ट्र निर्माण के लिए अपना योगदान देने को तैयार हैं।

ऋतुराज सिन्हा ने राहुल गांधी को राष्ट्रनीति का आइना दिखाते हुए कहा कि “देश चलाना तो दूर, राहुल गांधी को अपनी पार्टी के चार नेता को संभालना भी बहुत मुश्किल है।तराजू पर रखे मेढक की तरह उनके नेता इधर से उधर भाग रहे हैं और राहुल गाँधी पीएम मोदी की राष्ट्रनीति के सात अपीलों पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। राहुल गाँधी को
दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेतृत्व को देश चलाने की सीख देने से बचना चाहिए। भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि राहुल गांधी की पूरी राजनीति केवल भ्रम फैलाने और नकारात्मकता पैदा करने तक सीमित रह गई है। प्रधानमंत्री की अपीलें—चाहे वह स्वदेशी अपनाने का हो, बचत करने का हो या फिर प्राकृतिक खेती करने का हो, वह सब भारत के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है। राहुल गांधी जैसे लोग जो केवल चुनाव के समय पर्यटन पर निकलते हैं। उन्हें जनता की भावनाओं और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं की समझ कभी नहीं हो सकती।

ऋतुराज सिन्हा ने स्पष्ट कहा है कि देश की जनता ऐसे ‘पार्ट-टाइम’ नेताओं के बहकावे में आने वाली नहीं है । जनता ऐसे अहंकारियों को पहले भी सबक सिखा चुकी है और राहुल गांधी के इस विषैले नैरेटिव को देश की जनता एक बार फिर कचरे के डिब्बे में फेंक देगी।

