साहित्य हमें संवेदनशील बनाता है, साहित्य बिहार लिटरेचर फेस्टिवल का किया गया आयोजन
पटना : जहां भावना है, संवेदना है, कविता-कहानी, रचना वहीं से शुरू हो जाती है। साहित्य मनुष्य को संवेदनशील बनाता है, हमारी मन की संकीर्णता दूर करता है। जिन्दगी के द्वंद्वों की सृजनात्मक अभिव्यक्ति ही साहित्य है। हम संकेतों से इंगित करता है, जिन्दगी के विरोधाभास को, संघर्षो को, द्वंद्वों को और मनुष्य की भावनाओं […]
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