पटनाः शिक्षकों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए शिक्षाविद् प्रो. नवल किशोर यादव ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में शिक्षकों का सम्मान, सुरक्षा और उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान ही उनकी पहली प्राथमिकताओं में शामिल है। यदि किसी भी शिक्षक को किसी प्रकार की असुविधा, परेशानी या प्रशासनिक बाधा का सामना करना पड़ता है, तो वह इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे। शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्रो. यादव ने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। उनके ज्ञान, अनुभव और समर्पण से ही आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय होता है। इसलिए शिक्षकों को सम्मानजनक वातावरण, आवश्यक संसाधन और बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान होना चाहिए। वेतन, पदोन्नति, सेवा शर्तों तथा अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, ताकि शिक्षक पूरी निष्ठा और मनोयोग से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
प्रो. नवल किशोर यादव ने भरोसा दिलाया कि शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों से जुड़े किसी भी मुद्दे पर वे हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा, “शिक्षकों को किसी प्रकार की असुविधा होगी तो प्रो. नवल किशोर यादव चैन से नहीं बैठेगा। शिक्षकों की आवाज को हर मंच पर मजबूती से उठाया जाएगा और उनके हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष किया जाएगा।”
उन्होंने शिक्षकों से भी शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करते रहने का आह्वान किया। उनके इस बयान को शिक्षकों के प्रति सम्मान और प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।

