विशेष संवाददाता
डुमरांव: जेनरेशन बीटा स्कूल में शिक्षक दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और उल्लास के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को जीवन में गुरु के महत्व से अवगत कराना और शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करना था। समारोह के दौरान बच्चों को यह बताया गया कि जीवन में गुरु का स्थान सर्वोपरि है; यदि जीवन में एक सच्चा गुरु मिल जाए, तो कठिन से कठिन राह भी आसान हो जाती है।
इस अवसर पर विद्यालय को बहुत ही आकर्षक ढंग से सजाया गया था। बच्चों ने अपने शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण और कविताएँ भी प्रस्तुत कीं, जिन्होंने सभी का मन मोह लिया।
शिक्षक एक सच्चा मार्गदर्शक: प्रियंका सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय की निदेशिका प्रियंका सिंह ने छात्रों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने शिक्षा और शिक्षक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:
“शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देता, बल्कि वह जीवन का एक सच्चा मार्गदर्शक होता है। गुरु के बताए गए सही रास्ते पर चलकर ही छात्र अपने जीवन में निरंतर आगे बढ़ते हैं और सफलता के शिखर को छूते हैं।”
उन्होंने बच्चों को अनुशासन और कड़ी मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
बच्चे होते हैं शिक्षकों की छाया प्रति: शैलेन्द्र श्रीवास्तव
विद्यालय के प्राचार्य शैलेन्द्र श्रीवास्तव ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को अहम बताते हुए कहा:
“बच्चे अपने शिक्षक की छाया प्रति (Reflection) होते हैं। एक शिक्षक का आचरण, उसके विचार और उसका ज्ञान सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य का निर्माण करते हैं। गुरु के बताए आदर्श रास्तों पर चलकर ही एक बालक या बालिका भविष्य में एक सफल और जिम्मेदार इंसान बनते हैं।”
कार्यक्रम में इनकी रही अहम उपस्थिति
शिक्षक दिवस के इस खास मौके पर विद्यालय का पूरा शिक्षक परिवार मौजूद रहा। इस उल्लासपूर्ण माहौल में शिक्षिका श्वेता रानी, रेखा, ऋतु, रूपा, निधि, खुशबू और शिवानी सहित विद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्यों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। सभी शिक्षकों ने बच्चों द्वारा दिए गए सम्मान और प्यार के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन शिक्षकों के सम्मान समारोह और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ हुआ। यह दिन जेनरेशन बीटा स्कूल के शिक्षकों और छात्रों, दोनों के लिए एक यादगार पल बन गया।

