जिन कुशल कामगारों का कोई नहीं उसके लिए विश्वकर्मा योजना
आर.के. सिन्हा कभी यह भी सोचा जाना चाहिए कि देश के आजाद होने के इतने दशक गुजरने के बाद भी हमने मोची, धोबी, बढ़ई, लोहार, कुम्हार जैसे निचले स्तर पर काम करने वालें कुशल कामगारों के हितों को लेकर कोई व्यापक नीति क्यों नहीं बनाई? अगर इनके बारे में पहले सोचा जाता तो ये भी देश के विकास का […]
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