मजदूर वह ईकाई हैं, जो हर सफलता का अभिन्न अंग हैं
मजदूर दिवस (1 मई स्पेशल) मुरली मनोहर श्रीवास्तव मेहनत उसकी लाठी हैं,मजबूती उसकी काठी हैं।बुलंदी नहीं पर नीव हैं,यही मजदूरी जीव हैं।मजदूर का मतलब हमेशा गरीब से नहीं होता हैं, मजदूर वह ईकाई हैं, जो हर सफलता का अभिन्न अंग हैं, फिर चाहे वो ईंट-गारे में सना इन्सान हो या ऑफिस की फाइल्स के बोझ […]
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