जातिगत जनगणना समाज को बांटने की साजिश !

-मनोज कुमार श्रीवास्तवसभी वर्गों के लिए समान कानून,समान सुविधा और बिना भेदभाव का समुचित विकास की आवश्यकता है।जातिगत जनगणना से जनता में फूट डालकर ,जातिवाद फैलाकर केवल नफरत ही पैदा होगी इससे विकास की कल्पना नहीं कि जा सकती।जातिगत जनगणना से देश का सामाजिक ताना-बाना बिगड़ जाएगा।यहां कल तक आरक्षण अभिशाप था और आज वही […]

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R.K.Sinha

कनाडा- आस्ट्रेलिया में कब कुचले जाएंगे खालिस्तानी

–आर.के. सिन्हा अब तक जो मोटा-मोटी कनाडा में हो रहा था, वह अब ऑस्ट्रेलिया में भी होने लगा है। इन दोनों ही देशों में खालिस्तानियों की भारत विरोधी हरकतें लगातार बढ़ रही हैं। ये लफंगे खालिस्तानी कनाडा और आस्ट्रेलिया में भारतीय नागरिकों के साथ मारपीट कर रहे हैं और हिन्दू मंदिरों पर पथराव करने से […]

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पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव के महत्व को ध्यान में रखते हुए संविधान लागू करने के लिए 26 जनवरी का दिन चुना गया था

– सुमन चतुर्वेदी26 जनवरी 1950 को देश का संविधान लागू किया गया था। भारत के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने 21 तोपों की सलामी देकर झंडा फहराया था। तब से ही हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। 26 जनवरी 1950 को देश को गणराज्य बना था। ऐसे में पूर्ण स्वराज का […]

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भारत के शौर्य, पराक्रमी देशभक्त योद्धा महाराणा प्रताप, जिन्होंने किसी के आगे सर नहीं झुकाया

   (प्रदेश अध्यक्ष, कुंवर वाहिनी, बिहार)                  भारत वीरों, योद्धाओं, क्रांतिकारियों की भूमि है। यहां की धरती अनेक महान योद्धाओं के जीवन, त्याग, बलिदान और बहादुरी की गाथाओं से भरा पड़ा है, उनमे से एक महान योद्धा हैं प्रमुख रूप से महाराणा प्रताप का भी नाम आता है जिनके बहादुरी के किस्से […]

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जिन्हें पालपोस कर बड़ा किया वही भेज रहे वृद्धाश्रम

-आर.के. सिन्हा राजधानी दिल्ली का पॉश ग्रेटर कैलाश इलाका। यहां समाज के सबसे सफल, असरदार और धनी समझे जाने वाले लोग ही रहते हैं। बड़ी-बड़ी कोठियों के उनके अंदर-बाहर लक्जरी कारें खड़ी होती हैं। लगता है, मानो इधर किसी को कोई कष्ट या परेशानी नहीं है। पर यह पूरा सच नहीं है। अभी हाल ही […]

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नोएडा-दुबई जैसा बनेगा कानपुर तो नारायणमूर्ति भी करेंगे कानपुर में निवेश

गंगा किनारे बसे प्राचीन कानपुर शहर में आपको अब भी इस तरह के अनेक लोग मिल जाएंगे, जिन्हें अच्छी तरह से याद है जब उनके शहर की पहचान एशिया के मैनचेस्टर के रूप में हुआ करती थी। भारत में कपड़े का सबसे अधिक उत्पादन इसी कानपुर शहर में होता था। इसलिए ही इसे एशिया का मैनचेस्टर […]

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पांडवों ने अपने वनवास के दौरान मनाई थी मकर संक्रांति

– सुमन चतुर्वेदी माघे मासे महादेव: यो दास्यति घृतकम्बलम।स भुक्त्वा सकलान भोगान अन्ते मोक्षं प्राप्यति।। मकर संक्रांति (संक्रान्ति) पूरे भारत और नेपाल में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है तभी इस पर्व को मनाया जाता है। वर्तमान शताब्दी में यह त्योहार जनवरी माह के […]

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युवाओं के कारण ही भारत ने अंग्रेजों से आजादी पायी, अब युवाओं के बूते ही देश का होगा विकास

-प्रो. नीतू सिन्हा हिंदुस्तान में प्रतिवर्ष 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती को ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। किसी भी राष्ट्र के निर्माण में युवाओं की सबसे अहम भूमिका होती है। युवा नेताओं के कारण ही भारत ने अंग्रेजों से आजादी पाई और अब युवाओं के बूते पर ही देश […]

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जाति,राजनीति और आरक्षण तीनों एक दूसरे के पूरक हैं!

– मनोज कुमार श्रीवास्तव ब्रिटिश भारत में पहली जनसंख्या जनगणना 1872 में ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड मेयो के अधीन हुई थी और अंतिम 1931 में हुई थी। 1872-1931 के बीच प्रत्येक जनगणना ने जाति आधारित आंकड़े एकत्रित  किये।भारत की जनगणना 2011 तक 15 बार की जा चुकी है।हालांकि भारत की पहली सम्पूर्ण जातीय जनगणना 1881 में […]

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