दिवालियेपन की ओर बढ़ रहा है ‘श्रीलंका’

-मनोज कुमार श्रीवास्तव भारत का पड़ोसी देश श्रीलंका अपने इतिहास में पहली बार दिवालिया हो गया है।पिछले 74 साल में सबसे खराब आर्थिक संकट से जूझ रहा है।ये अपना कर्ज नहीं चुका पाया है।इसे कर्ज चुकाने के लिए 30 दिन का समय मिला था जो समय पर कर्ज नहीं चुका पाया।कोरोना महामारी,ऊर्जा की बढ़ती कीमतों […]

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ऐसी सादगी व आदर्श का अभाव ही मुख्य समस्या है!

(४ जुलाई जयन्ती) – समता कुमार (सुनील) तकरीबन 94 साल के एक बूढ़े व्यक्ति को मकान मालिक ने किराया न दे पाने पर किराए के मकान से निकाल दिया। बूढ़े के पास एक पुराना बिस्तर, कुछ एल्युमीनियम के बर्तन, एक प्लास्टिक की बाल्टी और एक मग आदि के अलावा शायद ही कोई सामान था।    बूढ़े […]

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कौन बनाने चला है भारत को सीरिया

सख्ती से कुचलो कन्हैया लाल के हत्यारों की सोच वालों को –आर.के. सिन्हा उदयपुर में एक नवयुवक दर्जी कन्हैया लाल की बर्बरतापूर्ण ढॅंग से गर्दन काटने की घटना पर देश का गुस्सा या हैरानी जायज है। आखिर ये भारत को सीरिया या इराक बनाने की एक असफल किन्तु दुस्साहसपूर्ण कोशिश है। इन दोनों देशों के […]

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चन्द्रकान्ता सन्तति” के उपन्यासकार देवकीनंदन खत्री का आज भी बरकरार है ‘तिलिस्म’

– मुरली मनोहर श्रीवास्तव बिहार के लिए गौरव की बात है कि संस्कृत साहित्य में जहां गद्य और उपन्यास के पहले लेखक बिहार के बाणभट्ट हुए, वहीं हिन्दी के भी प्रथम गद्यकार एवं उपन्यासकार देवकीनंदन खत्री थे। वे 19वीं सदी के एक प्रखर गद्य लेखक, उपन्यासकार के साथ समाजसेवी भी थे। देवकीनन्दन खत्री जी का […]

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अन्तत: बेनकाब हुई तीस्ता सीतलवाड़

– आर.के. सिन्हा तीस्ता सीतलवाड़ अब पूरी तरह  बेनकाब हो चुकी हैं। गुजरात दंगों पर एहसान जाफरी की पत्नी जाकिया जाफरी  की याचिका सुप्रीम कोर्ट  में खारिज होने के अगले ही दिन गुजरात एटीएस की टीम मुंबई में तीस्ता सीतलवाड़ के घर पहुंची और गिरफ्तार कर अहमदाबाद ले आई। तीस्ता सीतलवाड़ पर जालसाजी, आपराधिक षडयॅंत्र रचने  […]

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कितने परोपकारी हैं भारत के पूंजीपति

–आर.के. सिन्हा गौतम अडाणी ने सेहत, शिक्षा और कौशल विकास के लिए 60 हजार करोड़ रुपए देने का संकल्प लिया है। जाहिर है कि यह कोई-छोटी मोटी राशि तो नहीं है न? देखिए , इससे सुखद कोई बात नहीं हो सकती कि देश में आप जो भी अपनी बुद्धि और मेहनत से दिन – रात एक करके पैसा कमाते हैं, उसे यदि […]

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महिलाओं की सहभागिता के लिए तत्परता जरुरी, तभी समाज का स्वरुप समतुल्य बन पाएगा

 (सिद्धार्थ मिश्रा) पिछले कुछ वर्षों में, महिलाओं को राजनीति में समान प्रतिनिधित्व के साथ सक्षम बनाने के साथ-साथ, बिहार में महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आर्थिक और पर्यावरणीय भलाई के लिए बेहतर पहुंच की आवश्यकता है। राजनीति में महिलाओं की भूमिका का बहुत व्यापक प्रभाव है, जो ना सिर्फ मतदान अधिकार, वयस्क मताधिकार और सत्तारूढ़ […]

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भारतीय राजनीति का काला अध्याय इंदिरा की ‘इमरजेंसी’

इंदिरा की 25 जून को लगायी गई इमरजेंसी, “भारतीय राजनीति के लिए काला अध्याय” (मुरली मनोहर श्रीवास्तव) 46 साल पहले 25 जून और 26 जून की मध्य रात्रि में तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के हस्ताक्षर करने के साथ ही देश में पहला आपातकाल लागू हो गया था। 25 जून 1975, भारतीय लोकतंत्र के इतिहास […]

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कब टाटा ग्रुप में महिला पेशेवर भी बनेंगी सीईओ

–आर.के. सिन्हा टाटा ग्रुप ने अपनी इस तरह की छवि बनाई है, जिसके चलते उसे सिर्फ मुनाफा कमाने वाले  ग्रुप के रूप में ही नहीं देखा जाता है। यह एक सामान्य बात तो नहीं है। टाटा ग्रुप  को भारत के विकास तथा प्रगति से भी जोड़कर देखा जाता है। पर, यह समझ नहीं आता कि नमक से […]

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यादों के साए में पापा की धुंधली तस्वीर,मैथेमेटिक्स गुरू आर के श्रीवास्तव को आज भी प्रेरणा देती हैं

Father’s day पाॅच वर्ष के उम्र मे ही पिता को खोने का गम अभी दिल और मन दोनों से मिटा भी नही था की पिता तुल्य इकलौते बड़े भाई भी इस दुनिया को छोड़ चले गये। पापा का चेहरा तो हमे याद भी नही बस कभी रात को सोते वक्त सोचता हूँ तो धुॅधला धुधला […]

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