अयोध्या में राम मंदिर- लक्ष्य नहीं, पड़ाव है

आखिरकार करीब 500 वर्षों के लम्बे इंतजार के बाद वो घड़ी आ ही गई जब करोड़ों हिन्दुओं की आस्था के प्रतीक रामलला टूटे-फूटे टैंट के स्थान पर एक भव्य मंदिर में विराजमान होंगे, जब गुलामी और बर्बरता के प्रतीक बाबरी खंडहरों के स्थान पर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव होगा। 30 अक्तूबर 1990 को लाखों राम भक्त […]

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बांग्लादेश की शेख हसीना का नेतृत्व में विश्व को चौंका रहा

-मनोज कुमार श्रीवास्तवहमारे पड़ोस में बांग्लादेश इकलौता लोकतांत्रिक देश है जो लगातार अपने नागरिकों को लोकप्रिय सरकार चुनने का मौका दे रहा है।इतना ही नहीं फौज की एकाधिक हिमाक़तों को वहाँ शिकस्त कहानी पड़ी।यह बात सत्य है कि भारत के प्रति विशेष अनुराग रखने वाली शेख हसीना को पाकिस्तान बौर उसके मित्र देश तानाशाह साबित […]

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R.K.Sinha

कभी तो तोल-मोल के बोल लिया करो फारूक अब्दुल्ला जी

–आर.के. सिन्हा डॉ.फारूक अब्दुल्ला को आग में घी डालने में बहुत मजा आता है। वे भड़काऊ बयान देकर खबरों में बने रहना चाहते हैं। हालांकि जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता से देश उम्मीद करता है कि वे तोल-मोल के बयानबाजी करें। पर वे मानने के लिए तैयार नहीं हैं। अब उनके […]

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भारत की कूटनीति और राजनीति की हुई जीत

भारत सरकार की अपील के बाद क़तर में कथित तौर पर जासूसी के आरोप में आठ पूर्व भारतीय नौसैनिकों की फांसी की सजा पर वहां की अदालत ने रोक लगा दी हैअब सजायाफ्ता की जगह इन भारतीयों को जेल में रहना होगा।इसकी जानकारी भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा दिया गया।कटर की कोर्ट ऑफ अपील ने फैसला […]

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स्वच्छ भारत मिशन- साफ होते शहर-गांव

करीब नौ साल पहले का वह मंजर यकीनन यादगार था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं झाड़ू लेकर राजधानी दिल्ली की सड़कों पर सफाई करने उतरे थे। उनके पीछे- पीछे उनके मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों से लेकर सरकारी बाबुओं तक का हुजूम भी सड़कों पर उतर आया था। 2014 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के दिन प्रधानमंत्री […]

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म्यांमार हिंसात्मक अध्याय में प्रवेश कर चुका है

म्यांमार में लगातार सशस्त्र संघर्ष थमने की बजाए बढ़ता ही जा रहा है।वहां लगातार हो रहे जानमाल के नुकसान के साथ-साथ राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो रही है जिससे पड़ोसी देशों की चिंताएं बढ़ती जा रही है।चीन और भारत बराबर म्यांमार की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।म्यांमार के चीन बार्डर से मिलते हुए शान प्रांत […]

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तुलसी पूजन की शुरुआत और उसकी महत्व

(डॉ. ममतामयी प्रियदर्शनी) इसकी शुरुआत साल 2014 से हुई और तब से हर साल यह दिवस मनाया जाने लगा। भारत में तुलसी की सांस्कृतिक, धार्मिक, आध्यात्मिक और आयुर्वेदिक महत्ता को मजबूती से रेखांकित किया गया है। तुलसी पूजन तो हिंदू जीवनशैली, धर्म और अनुष्ठानों का अभिन्न अंग है। फिर आखिर “तुलसी पूजन दिवस” के लिए […]

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R.K.Sinha

गालिब ने 1857 के गदर पर क्यों कलम नहीं उठाई

मिर्जा मोहम्मद असादुल्लाह बेग खान यानी मिर्जा गालिब एक से बढ़कर एक कालजयी शेर कहते हैं। कौन सा हिन्दुस्तानी होगा जिन्हें गालिब साहब के कहे “हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसीं, कि हर ख़्वाहिश पर दम निकले, बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले…” और “हमको मालूम है जन्नत की हक़ीक़त, लेकिन, दिल के खुश रखने […]

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भारत का खजाना भरते सात समंदर पार बसे भारतीय

अपने वतन से सात समंदर दूर कामकाज के लिए गए भारतीयों ने देश के खजाने को लबालब भर दिया है। उन्होंने चालू साल 125 बिलियन डॉलर यानी करीब 136 अरब रुपये भारत में भेजे। विश्व बैंक की हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत से बाहर रहने वाले लाखों भारतीयों ने साल 2022 की तुलना में 11 फीसद अधिक धन चालू साल […]

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R.K.Sinha

क्यों काशी में आते अब गोवा से भी ज्यादा पर्यटक

अगर कोई यह मानता है कि सबसे अधिक टुरिस्ट समुद्र के किनारे के तटों पर या फिर आकाश को छूते पहाड़ों में सैर करने को आते हैं तो उन्हें एक बार फिर सोचना होगा। मतलब यह है कि अब न तो सबसे अधिक  टूरिस्ट गोवा आ रहे हैं या फिर शिमला, नैनीताल या कश्मीर या हिमाचल किसी […]

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