प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र से 2400 एससी-एसटी अभ्यर्थी होंगे लाभान्वित

देश

  • एससी-एसटी अभ्यर्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अब हुई आसान
  • एससी-एसटी समुदाय के छात्र उठा सकते हैं प्राक प्रशिक्षण केंद्र का लाभ
  • पटना, भागलपुर, दरभंगा, गया, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, सारण, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर में है केंद्र
  • अबतक 10 हजार 764 छात्र-छात्राएं हुए लाभान्वित

पटना: प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों पर इस वर्ष एससी-एसटी समुदाय के 2 हजार 400 अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा। इस प्रशिक्षण (कोचिंग) का लाभ उठाकर ये अभ्यर्थी विभिन्न सरकारी नौकरियों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

अबतक 10 हजार 764 छात्र-छात्राएं हुए लाभान्वित
इन केन्द्रों पर विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। इस योजना के तहत अबतक 10 हजार 764 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए हैं। इस वर्ष के लिए सरकार ने जो योजना बनाई है, उसकी घोषणा इस बार के बजट में भी की गई है। गौरतलब है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय से आने वाले अभ्यर्थियों को सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग करती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक कुल 1168 अभ्यर्थियों का इन केन्द्रों में नामांकन कराया गया है। यहां प्रशिक्षण पाने वाले विद्यार्थियों ने शिक्षक भर्ती परीक्षा, एसएससी, रेलवे, बिहार पुलिस जैसी विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में शानदार सफलता प्राप्त की है। वर्ष 2023 से अब तक 149 विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता हासिल की है।

10 जिलों में चल रहे हैं प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केंद्र
बिहार सरकार का अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग यह प्रशिक्षण दिलाता है। अभी प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र के तहत अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को संघ लोक सेवा आयोग, बिहार लोक सेवा आयोग और अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए 10 जिलों के विश्वविद्यालयों के तत्वावधान में एक-एक प्राक परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र संचालित है। इसके पीछे मकसद ये है कि इन वर्ग के युवाओं का सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व बढ़े और उनका शैक्षणिक उत्थान हो। ये केंद्र पटना, भागलपुर, दरभंगा, गया, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, सारण, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर में है।

1500 से 3000 रुपये की मिलती है छात्रवृति
इन केंद्रों में प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए चयनित छात्र/छात्राओं को विशेषज्ञों के माध्यम से मुफ्त प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। प्रशिक्षण पाने वाले स्थानीय छात्र-छात्राओं को 1500 रुपये प्रति माह और जिला के बाहर के छात्र-छात्राओं को तीन हजार रुपये प्रति माह छात्रवृत्ति भी दी जाती है। इसके साथ ही इन समुदाय के छात्र-छात्राओं के लिए राज्य सरकार के स्तर से संपोषित चन्द्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, पटना में एक स्टूडेंट गाइडेंस सेंटर भी संचालित किया जा रहा है। इस सेंटर में प्रतिवर्ष 60 विद्यार्थियों को कॉमन एडमिशन टेस्ट (सीएटी) आदि की तैयारी के लिए कोचिंग दी जाती है।

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