पटनाः देश प्रेम का अद्भुत रूप दिखता है बिहार के इस अनोखे गुरुकुल में, IIT में सफल बच्चों के साथ उसके माता – पिता भी हाथ में तिरंगा लेकर क्लासरूम में “जय हिंद, जय भारत” का नारा लगाते है। इस गुरुकुल के सैकड़ों वीडियो सोशल मीडिया पर हमेशा वायरल होते रहते है। देशभक्ति का जुनून इस कदर की IIT परीक्षा में सफल सैकड़ों स्टूडेंट्स के टीशर्ट पर लिखा है ” मेरा जीवन देश के लिए समर्पित”,
आइए जानते है उस देशभक्त गुरु के बारे में जिन्होंने सिर्फ “एक रु गुरु दक्षिणा” में पढ़ाकर बनाया सैकड़ों इंजीनियर …..
एक “देशभक्त शिक्षक” वह होता है जो न केवल छात्रों को ज्ञान प्रदान करता है, बल्कि उनमें देश के प्रति प्रेम, सम्मान और कर्तव्य की भावना भी जगाता है।
देश भक्ति का जुनून ऐसा की iitian बन चुके अपने शिष्यों को एक अच्छा नागरिक बनने और राष्ट्र निर्माण में योगदान करने के लिए प्रेरित करते बिहार के लोकप्रिय शिक्षक आरके श्रीवास्तव का क्लासरूम के वीडियो सोशल मीडिया पर हमेशा वायरल होते रहता है।
दुनिया के मानचित्र पर पटना (बिहार) के मैथेमेटिक्स गुरु आर.के. श्रीवास्तव का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इनका पूरा नाम रजनी कांत श्रीवास्तव है। ये भारत के एक मात्र ऐसे शिक्षक होंगे जिनका कोई हेटर्स नहीं मिलेगा।
राष्ट्रपति से सम्मानित प्रसिद्ध शिक्षक आरके श्रीवास्तव, जिन्हें “मैथमेटिक्स गुरु” के नाम से भी जाना जाता है।
“1 रु गुरु दक्षिणा” कार्यक्रम के माध्यम से गरीब छात्रों को शिक्षा प्रदान करते हैं। आर.के. श्रीवास्तव ने ‘1 रुपये फीस’ के जरिए 950 से अधिक गरीब छात्रों को आईआईटीयन बना चुके है। इसके अलावा पाइथागोरस प्रमेय को 50 से अधिक तरीकों से सिद्ध करने वाले इस शिक्षक का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है। आरके श्रीवास्तव एक ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने गरीब छात्रों को मुफ्त में शिक्षा देकर उनकी काबिलियत को समझा है। आरके श्रीवास्तव ने सिर्फ 1 रु गुरु दक्षिणा में पढाकर निर्धन स्टूडेंट्स के सपने को साकार कर रहे है।
सोशल मीडिया पर भी अपने शैक्षणिक कार्यशैली के लिए बिहार राज्य के आरके श्रीवास्तव खूब सुर्खिया इकठ्ठा कर रहे हैं।
नए भारत को शिक्षित बनाने में आरके श्रीवास्तव जैसे शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है।
जब भी 15 August का दिन आता है, तो हम सब में देशभक्ति की भावना जाग उठती है। भारत का स्वतंत्रता दिवस केवल एक ऐतिहासिक तिथि नहीं बल्कि आजादी, एकता और निरंतर प्रगति का जीवंत भाव है। इस स्वतंत्रता दिवस पर देश के रियल हीरो आरके श्रीवास्तव की कहानी हमें यह बताती है कि एक देशभक्त शिक्षक छात्रों के लिए एक रोल मॉडल होता है, जो अपने कार्यों और शब्दों से देशभक्ति का जुनून पैदा करता है। आरके श्रीवास्तव सर शिक्षा का अलख जगाकर देश की प्रगति में योगदान दे रहे है। आरके श्रीवास्तव हमेशा अपने छात्र- छात्राओं को देश के लिए कुछ अच्छा करने और एक अच्छे इंसान बनने की सीख देते है।

