
आरा कार्यालय
चितौड़गढ़ के नाम से चर्चित भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड के कस्तूरबा विद्यालय की वार्डन ज्योति कुमारी का आतंक इस कदर बढ़ गया कि उसने राजपूत समाज से आने वाली विद्यालय की अकाउंटेंट निधि कुमारी पर गर्म चाय फेंक डाला. निधि की गलती बस यहीं थी कि उसने जब से कस्तूरबा विद्यालय बड़हरा में अकाउंटेंट के पद पर योगदान दिया और वार्डन के भ्रष्टाचार का विरोध करना शुरू किया तभी से उसे वार्डन द्वारा प्रताड़ित करना शुरू कर दिया गया. वार्डन चाहती थी कि उसके कर्म कुकर्म का राज कस्तूरबा विद्यालय की चहारदिवारी के बाहर तक नहीं जाय लेकिन कस्तूरबा विद्यालय की बच्चियों के हक और हिस्से के छीने जा रहे भोजन, रुखा सूखा बासी और आधा पेट खाना खिलाकर सरकार के पैसे की लूट पाट का विरोध करने पर क्षत्राणी निधि कुमारी को वार्डन ने टारगेट कर लिया और विद्यालय में ही जमकर मारा पीटा और इससे भी मन नहीं भरा तो उस पर गर्म चाय फेंक दिया.जब निधि ने इसकी थाना में शिकायत करने की बात कही और अपने साथ घटी घटना का इलाज कर मेडिकल रिपोर्ट बनवाने स्थानीय सरकारी अस्पताल जाने की तैयारी करने लगी तो उससे पहले ही वार्डन अस्पताल और फिर थाने पहुँच गई. वार्डन ने निधि को फिर धमकी दी कि हम सहार के रहने वाले है.हम माले वाले हैं, तुम्हे बर्बाद कर देंगे. बड़हरा जैसे राजपूत बहुल इलाके में माले के नाम पर क्षत्रिय समाज की बेटी निधि के साथ बड़हरा में मारपीट करने और उस पर गर्म चाय फेंकने के बाद फिर उसे धमकी देनी वाली वार्डन ज्योति कुमारी शायद यह भूल गई कि राजपूत समाज के नेताओं को इस बात की भनक लगी तो मामला इतना बढ़ सकता है कि उसे रोकना किसी के बस की बात नहीं होगी. बड़हरा के विधायक भी राजपूत हैं. ब्लॉक प्रमुख भी राजपूत हैं. स्थानीय कई मुखिया भी राजपूत हैं. कई क्षत्रिय संगठन हैं.बिहार में कई राजपूत समाज के बड़े नेता हैं.इनमे सबसे बड़ा नाम पूर्व सांसद आनंद मोहन का है. सत्ताधारी जेडीयू की सांसद श्रीमती लवली आनंद का है. विधायक चेतन आनंद का है. राजपूतों के बड़े नेताओं में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रुढ़ी,एमएलसी संजय सिंह जैसे लोग हैं, जिनके समर्थक भोजपुर और बड़हरा के गांव गांव तक फैले हुए हैं. राष्ट्रीय कुंवर सेना के अध्यक्ष निर्मल सिंह शक्रवार, क्षत्रिय समाज के नेता रिंकू सिंह मुखिया, विजय सिंह मुखिया, मांझील सिंह, बबन सिंह सहित कई ऐसे स्थानीय नेता हैं जो राजपूत समाज की राजनीति में सक्रिय हैं. इनके रहते अगर राजपूत समाज की एक बेटी पर कोई गर्म चाय फेंकने की जुर्रत करता है तो यह मामला आने वाले दिनों में तूल पकड़ेगा.बड़हरा के कस्तूरबा विद्यालय की अकाउंटेंट निधि कुमारी पर विद्यालय की वार्डन का गर्म चाय फेंकना राज्य की सियासी राजनीति का पारा भी गर्म कर सकता है. कस्तूरबा विद्यालय में फर्जी नामांकन दिखाकर सरकारी राशि की लूट पाट करने, बच्चीयों को रुखा सूखा और बासी भोजन परोसने, उन्हें आधे पेट भोजन कराने, बच्चियों को डरा धमका कर मुंह बंद रखने,वार्डन द्वारा समय समय पर सीसीटीवी बंद कर अपने पति को गैर कानूनी ढंग से कस्तूरबा विद्यालय में बुला लेने जैसे कई गलत कार्यों का विरोध करने पर क्षत्रिय समाज की बेटी निधि पर गर्म चाय फेंक कर वार्डन ज्योति कुमारी ने क्षत्रिय समाज के लोगों का खून खौला दिया है. अगर निधि कुमारी के आवेदन पर बड़हरा थाना में एफआईआर दर्ज नहीं होता है और पुलिस वार्डन के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है तो इसकी तीव्र प्रतिक्रिया होनी तय मानी जा रही है और बड़हरा विधानसभा चुनाव मे इसका असर भी दिखाई देना तय है. बताया जा रहा है कि कस्तूरबा विद्यालय की वार्डन ने ऐसे ही आतंक नहीं मचा रखा है. उसके अनुसार उसका तार माले से जुड़ा हुआ है.उसका पति अक्सर शाम में बड़हरा आता जाता रहा है. वार्डन ज्योति कुमारी पर विभागीय अधिकारियों का आशीर्वाद प्राप्त है.कस्तूरबा विद्यालय के जिला प्रभारी मिथिलेश कुमार सहित शिक्षा विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों का भी संरक्षण इसे प्राप्त है. वार्डन का पति कस्तूरबा विद्यालय में चल रहे खेल का खुलासा करने वालों को धमकी देता है.खबर छापने वाले कुछ पत्रकारों को भी धमकी देने की बात सामने आई है.राजपूत समाज की इस बेटी निधि कुमारी पर गर्म चाय फेंकने वाली वार्डन के खिलाफ मामला गरमाने लगा है. निधि सिंह के समर्थन में क्षत्रिय समाज की व्यापक गोलबंदी हो सकती है.


