
शाहाबाद ब्यूरो
भोजपुर जिले के कोइलवर प्रखंड स्थित बहियारा गांव में पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा की अध्यक्षता में और सत्येंद्र किशोर सिन्हा के मार्गदर्शन में चल रहे रामानंदी यज्ञानंद मेमोरियल दी इंडियन पब्लिक स्कूल के विशाल प्रांगण में सोमवार को वार्षिक खेल कूद प्रतियोगिता का भव्य समापन उत्साह और उमंग के बीच सम्पन्न हुआ। विगत एक सप्ताह तक चले वार्षिक खेल कूद प्रतियोगिता के समापन के बाद विजेता प्रतिभागियों के बीच पुरस्कार वितरण का समारोह भी आयोजित किया गया।

पुरस्कार वितरण समारोह का उद्घाटन विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती बंदना सिन्हा, उप प्राचार्य अनिल कुमार श्रीवास्तव और संयुक्त सचिव डॉ. सुरेन्द्र सागर ने संयुक्त रूप से किया। पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान बहियारा गांव के सबसे बुजुर्ग और सामाजिक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने जगदीश सिंह को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के दौरान नर्सरी से कक्षा आठ तक के शामिल छात्र छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।

बोतल रेस में प्रथम स्थान प्राप्त नर्सरी क्लास के हर्षिका, आकाश, द्वितीय पुरस्कार आराध्या, सन्नी और तृतीय पुरस्कार आरवी, अहान को पुरस्कृत किया गया।इसी रेस में एलकेजी के रितिका, आर्यन को प्रथम, अश्विनी, चिंटू को द्वितीय और पीहू, अभिराज को तृतीय पुरस्कार मिला। बुक बैलेंसिंग रेस में युकेजी के छात्र अनीश को प्रथम, आर्यन को द्वितीय और श्रवण, खुशी को तृतीय पुरस्कार मिला। पुरस्कार के लिए विजेता प्रतियोगियों में प्रिंस, किशु,जागृति, प्रियंका, छोटू, शशि कांत, वंशिका, आयुष, आराध्या राज, प्रिंस, आरोही, सोफिया खातून, आर्नव, सृष्टी, रौनक, संजना, फैजान, सोनालिका, आदर्श, यश, निजू, अंशिका, रौशन, शुभम, हर्ष, सागर, शिवम, जान्हवी, रिया, अर्पणा, अनन्या, सौम्या, संजना, अनमोल और अंजली को प्रथम द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।

विद्यालय के इन छात्र छात्राओं ने स्पून एंड मार्बल, मार्बल कलेक्टिंग, जलेबी रेस, सैक रेस, चार सौ मीटर दौड़, पांच सौ मीटर दौड़ और म्यूजिकल चेयर जैसे खेल कूद के आयोजन में हिस्सा लिया था। पुरस्कार वितरण के दौरान इन छात्र छात्राओं को पठन पाठन सामग्री और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय की प्राचार्या, उप प्राचार्य, संयुक्त सचिव और शिक्षक शिक्षिकाओं ने स्कूली बच्चों को सम्मानित किया।

खेल कूद प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह को सम्बोधित करते हुए विद्यालय के संयुक्त सचिव डॉ. सुरेन्द्र सागर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को सस्ती एवं गुणवतापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा द्वारा देश के प्रतिष्ठित स्कूलों में से एक और उत्तराखण्ड के देहरादून के इंडियन पब्लिक स्कूल की एक शाखा अपने पैतृक गांव में खोली गई और ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी नगरों महानगरों के बच्चों की तरह शिक्षा की व्यवस्था की गई ताकि गरीब एवं मेधावी बच्चों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि आज पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा का सपना साकार हो रहा है। गांव के बच्चों को आधुनिक सुविधाओं के बीच उच्च गुणवतापूर्ण शिक्षा मिल रही है। विद्यालय प्रकृति और पर्यावरण की खूबसूरत वादियों के बीच संचालित हो रहा है जहां एक तरफ सोन की कल कल करती जलधारा, सुंदर एवं आकर्षक छठ घाट है तो दूसरी तरफ विद्यालय का भव्य भवन स्कूल की सुंदरता में चार चाँद लगा रहा है। विद्यालय के विशाल प्रांगण में स्कूल के ठीक बगल में वृहद और आश्चर्य चकित कर देने वाला बालाजी तिरुपति मंदिर का निर्माण कार्य अब अंतिम दौर में पहुँच चुका है। यह मंदिर बिहार के धार्मिक और पर्यटन से जुड़े बड़े स्थलों का हिस्सा बनने जा रहा है। इस अवसर पर आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती बंदना सिन्हा ने कहा कि फिलहाल विद्यालय के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के वरीय सदस्य सत्येंद्र किशोर सिन्हा जी के मार्गदर्शन में यह विद्यालय नित्य नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।
विद्यालय के उप प्राचार्य अनिल कुमार श्रीवास्तव ने स्कूली बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि श्री आरके सिन्हा जी ने अपने गांव और आसपास के बच्चों को शिक्षित करने का जो बेड़ा उठाया है वह हर एक दिन अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ता जा रहा है। यह विद्यालय अब बट वृक्ष का स्वरुप ले रहा है। आने वाले दिनों में शिक्षक एवं शिक्षिकाओं की कड़ी मेहनत और विद्यालय प्रबंधन के सही मार्गदर्शन की बदौलत यह विद्यालय सफलता की नई कहानी गढेगा।
खेल कूद प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह के अवसर पर स्कूल की शिक्षिका श्रीमती गोल्डी कुमारी, कुमारी सोनालिका, प्रियंका श्रीवास्तव, पायल कुमारी, चांदनी राज, रिया शर्मा, शिक्षक नीरज कुमार,कन्हैया कुमार,पीआरओ अखिलेश कुमार मिश्रा, कार्यालय सहायक राम अनुज, सहयोगी सूरज कुमार और संजय कुमार सहित सभी स्टाफ और कर्मी मौजूद थे।


