पंचायती राज संस्थाओं को मिले 1203 करोड़ रुपये

देश

  • पंचायती राज मंत्रालय ने जारी की 15 वें वित्त आयोग के दूसरे टाइड अनुदान की राशि
  • पहली किश्त के रोके गए हिस्से से 2.09 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि 3 ब्लॉक पंचायतों और 7 ग्राम पंचायतों को जारी

पटनाः केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र में पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई)/ ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) को पंद्रहवें वित्त आयोग के तहत टाइड और अनटाइड अनुदान के रूप में 4,383.98 करोड़ रुपये जारी किये गए। इसके तहत बिहार के त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को टाईड अनुदान की दूसरी किश्त के रूप में 1203.60 करोड़ की राशि जारी की गयी है। इसके साथ ही पहली किश्त के रोके गए हिस्से से 2.09 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि उन 3 ब्लॉक पंचायतों और 7 ग्राम पंचायतों के लिए भी जारी कर दी गई है जो अब पात्र हो गई हैं।
पंचायती राज मंत्री ने जनवरी में सौंपा था ज्ञापन
27 जनवरी को पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से शिष्टाचार मुलाकात की थी और विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों से संबंधित ज्ञापन सौंपा था। 15 वीं वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित अनुदान के तहत 803.79 करोड़, स्वास्थ्य क्षेत्र अनुदान के रूप में अवशेष 2622.65 करोड़ रुपये व राज्य की ग्राम पंचायतों में निर्मित पंचायत सरकार भवनों के क्रियान्वयन एवं रख-रखाव के लिए प्रति वर्ष वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया था।
उन्होंने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत केन्द्रांश मद की अवशेष 83 करोड़ रुपये की राशि विमुक्त करने का अनुरोध भी किया था। साथ ही राज्य के जिला पंचायत संसाधन केंद्रों में कंप्यूटर लैब के सुदृढ़ीकरण और ई-गवर्नेंस कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन व पंचायत स्तर पर आईटी आधारित सेवाओं के सुचारु क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत उक्त मद के लिए बजट में यथोचित वृद्धि प्रदान करने का आग्रह किया था।
स्वच्छता, ओडीएफ में होगा राशि का उपयोग: मंत्री
मंत्री दीपक प्रकाश ने पंचायती राज मंत्री ललन सिंह को इस पर धन्यवाद देते हुए कहा कि इस राशि से राज्य की ग्राम पंचायतों में संचालित जनकल्याणकारी कार्यों को नई गति प्राप्त होगी। राज्य की ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को स्वच्छता, ओडीएफ की स्थिति के संरक्षण व सुरक्षित पेयजल जैसी आधारभूत सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। परिणामस्वरूप, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों के प्रभावी व त्वरित क्रियान्वयन को और बल मिलेगा। राज्य के त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाते हुए ग्रामीण परिवेश में समाज के अंतिम तबके तक सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना विभाग का परम ध्येय है। इस दिशा में विभाग तेजी से कार्य कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *