12 सितंबर को आयोजित होने वाली तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर DLSA की अहम बैठक

देश

12 सितंबर को आयोजित होने वाली तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर DLSA की अहम बैठक
सचिव श्रीमती नेहा दयाल ने बैंक शाखा प्रबंधकों के साथ की समीक्षा बैठक, अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन के दिए निर्देश
बक्सर (बिहार):
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (BSLSA) के दिशा-निर्देशों के आलोक में आगामी 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर प्रशासनिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। इसी क्रम में व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित एडीआर भवन (ADR Building) में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), बक्सर की सचिव श्रीमती नेहा दयाल की अध्यक्षता में जिले के सभी प्रमुख बैंकों के शाखा प्रबंधकों एवं प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
प्री-लिटिगेशन एवं एनपीए मामलों के त्वरित समाधान पर जोर
बैठक के दौरान सचिव श्रीमती नेहा दयाल ने आगामी लोक अदालत में अधिक से अधिक ऋण मामलों (Loan Pre-litigation & Bank Recovery Cases) का सर्वसम्मति से निष्पादन कराने के लिए रूपरेखा तैयार की। उन्होंने उपस्थित सभी बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बैंक ऋण से जुड़े मामलों एवं एनपीए (NPA) खातों की पहचान कर बकाएदारों को जल्द से जल्द नोटिस निर्गत करें, ताकि पक्षकारों को आपसी सहमति व रियायत के साथ विवाद सुलझाने का अवसर मिल सके।
बैठक में शामिल प्रमुख बैंक
बैठक में बक्सर जिले में कार्यरत सार्वजनिक, निजी एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के शाखा प्रबंधकों तथा अधिकृत प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें मुख्य रूप से शामिल बैंक:
भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India – SBI)
पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank – PNB)
दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक (Dakshin Bihar Gramin Bank – DBGB)
बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda – BOB)
कैनरा बैंक (Canara Bank)
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India)
यूको बैंक (UCO Bank)
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India)
आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank)
एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank)
आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank)
एक्सिस बैंक (Axis Bank)
ऋणदाताओं एवं आम जनता से अपील
सचिव श्रीमती नेहा दयाल ने जिले के सभी बैंक खाताधारकों और ऋणदाताओं से अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत बैंक लोन एवं बकाए से जुड़े मामलों को बिना किसी अदालती चक्कर और कम से कम खर्च में सुलझाने का एक सुनहरा अवसर है। लोक अदालत के माध्यम से मुकदमों का अंतिम रूप से निपटारा होता है और इसके फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती, जिससे दोनों पक्षों का समय और धन बचता है।
बैठक के अंत में सभी बैंक प्रबंधकों ने 12 सितंबर 2026 की राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने और अधिक से अधिक मामलों के प्री-सिटिंग निष्पादन के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *