
आरा कार्यालय
बिहार के वित्त अनुदानित कॉलेजों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सीधे उनके खाते में वेतन देने और सालों के बकाये अनुदान राशि का भुगतान करने की मांग सहित आधा दर्जन से अधिक मांगो को लेकर बिहार राज्य सम्बद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ(फैक्ट्नेब) के बैनरतले बुधवार को वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा के विभिन्न सम्बद्ध डिग्री कॉलेजों के सैकड़ो शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने मुख्य प्रशासनिक भवन के सामने जोशपूर्ण धरना, प्रदर्शन एवं आक्रोशपूर्ण सभा का आयोजन किया गया। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय और मुख्य प्रशासनिक भवन के सामने आयोजित धरना, प्रदर्शन और सभा का संचालन डॉ. हरेंद्र कुमार ने किया।
धरना, प्रदर्शन और सभा की अध्यक्षता फैक्ट्नेब के वीकेएसयू इकाई के अध्यक्ष प्रो. डॉ. शंभू नाथ सिंह ने की।

आंदोलन के माध्यम से सैकड़ो शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने माननीय पटना उच्च न्यायालय के न्यायादेश एवं बिहार शिक्षा परिषद के शिक्षा समिति की अनुशंसा के आलोक में सभी कोटि के सम्बद्ध शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को परीक्षाफल आधारित अनुदान की व्यवस्था को समाप्त करके उन्हें नियमित वेतन और पेंशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का नीतिगत निर्णय लेने,शैक्षणिक सत्र 2015-18 से लेकर 2022-25 के कुल आठ शैक्षणिक सत्रों के बकाया अनुदान राशि को ब्याज सहित एकमुश्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों के बैंक खाते में सीधे भुगतान करने,वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति के साथ साल 2008 में राज्य सरकार के विभागीय संकल्प संख्या – 1846 के अंतर्गत सम्बद्ध डिग्री और इंटर कॉलेजो मे परीक्षाफल आधारित वेतननुदान की निर्धारित राशि क्रमशः डेढ़ करोड़ और पचास लाख की बंधेज को समाप्त करने,राज्य के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की स्वायतता को खत्म करने सम्बन्धी प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम -2026 को रद्द करने,अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं सभी कोटि की छात्राओं की क्षतिपूर्ति की बकाया राशि का अविलम्ब भुगतान करने,ऐसे छात्र छात्राओं के नामांकन के समय शुल्क लेने और लाभुक छात्र छात्राओं को नामांकन शुल्क की राशि को बतौर प्रोत्साहन राशि सीधे उनके खाते में भेजने की व्यवस्था करने,आधारभुत संरचना के साथ सभी मानकों को पूरा करने वाले सम्बद्ध शिक्षण संस्थानों को और सम्बद्ध डिग्री कॉलेजों को अधिग्रहण करने की मांग से जुड़ा एक ज्ञापन कुलपति के माध्यम से बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति को भेजा गया।

वीकेएसयू के मुख्य प्रशासनिक भवन के सामने आयोजित धरना, प्रदर्शन और सभा में फैक्ट्नेब के वीकेएसयू इकाई के अध्यक्ष प्रो. डॉ. शंभू नाथ सिंह,तपेश्वर सिंह इंदु महिला महाविद्यालय आरा की प्रोफेसर डॉ. निभा परमार, प्रो. डॉ. कुमारी इन्द्राणी, प्रो.रागिनी कुमारी, प्रो.डॉ. मीना कुमारी, प्रो. सीमा कुमारी, प्रो. कल्याणी सिंह, प्रो. डॉ. अनुभा कुमारी, प्रो. कुमारी माया,प्रो. डॉ. अंजू कुमारी,प्रो. डॉ. तहसीन खानम,प्रो. डॉ. गुड़िया कुमारी, प्रो. डॉ. प्रियंका कुमारी,प्रो. डॉ शिव शक्ति सिंह, प्रो. सुरेश कुमार सिंह,प्रो. डॉ. संदीप कुमार, प्रो. डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव,प्रो. मनोज कुमार, प्रो. विजय कुमार सिंह,प्रो. उमाकांति शुक्ला, प्रो. सुमन कुमारी, प्रो. लालती कुमारी,प्रो.एमपी कॉलेज मोहनिया के प्रोफेसर अंगद सिंह,दिनेश्वर कुमार सिंह,राधेश्याम चौबे,डॉ. रबिन्द्र कुमार,दिनेश कुमार उपाध्याय,इंदु तपेश्वर सिंह महिला महाविद्यालय, बिक्रमगंज के प्राचार्या प्रो. डॉ. विनोद कुमार,प्रोफेसर राणा संतोष कुमार सिंह,प्रो.उमेश्वर प्रसाद सिंह उर्फ नेहरू जी,बद्री नारायण सिंह, तेज नारायण सिंह,डॉ. मनीष कुमार,प्रो.मनोज कुमार, प्रो. सुशील कुमार डॉ. हरेंद्र सिंह,बीएसएस कॉलेज, बचरी पीरो के प्रो.डॉ. जनेश्वर राय,रामनारायण साह सर्वोदय कॉलेज,गंजभड़सरा के प्रो. डॉ. अरविंद कुमार,जीएनएम कॉलेज परसथुआ के प्रो. डॉ.मृत्युंजय कुमार वर्मा,एसएस कॉलेज दिनारा के प्रोफेसर संजय कुमार मिश्रा,जेएम कॉलेज सकरी कैमूर के प्रोफेसर डॉ. अजहर अली,डॉ. उदय नारायण सिंह,एसएसएस महिला कॉलेज भभुआ के प्रो. सच्चिदानंद चौबे, डीकेएम कॉलेज डुमरी के प्रो.विद्यापति राय, डीएसएसवी कॉलेज सिमरी बक्सर के प्रो. विनोद कुमार ओझा सहित सैकड़ो शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल थे।

