पटना: बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष और पूर्व विधान पार्षद सह वरिष्ठ भाजपा नेता प्रो. रणबीर नंदन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया के लिए सबसे भरोसेमंद संकटमोचक बनकर उभरा है। अगस्त 2026 में नेपाल की भोट कोशी और त्रिशूली नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान भारत ने ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ यानी सबसे पहले मदद पहुंचाने वाले देश की भूमिका निभाई है। भारतीय वायुसेना के विमानों ने काठमांडू में अब तक 68.5 टन राहत और मानवीय सहायता सामग्री पहुंचाई है। भाजपा की ‘सेवा ही संगठन’ नीति के तहत भारत बिना किसी स्वार्थ के यह ऐतिहासिक मदद कर रहा है।
प्रो. नंदन ने बताया कि नेपाल को दी गई इस त्वरित मदद में भारी मात्रा में खाद्य सामग्री, खाने के पैकेट, जरूरी दवाइयां और पानी साफ करने वाली क्लोरीन टैबलेट शामिल हैं। इसके अलावा बेघर हुए प्रभावित परिवारों के सुरक्षित आवास और स्वच्छता के लिए तिरपाल, प्लास्टिक शीट, टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, मच्छरदानी तथा हाइजीन व डिग्निटी किट भी भेजी गई हैं। बाढ़ के कारण उत्पन्न हुई बिजली की भारी कमी को दूर करने के लिए भारत सरकार ने विशेष तौर पर पोर्टेबल जनरेटर सेट भी नेपाल पहुंचाए हैं।
संकट की इस घड़ी में भारत ने न केवल राहत सामग्री बल्कि अपने विशेषज्ञ भी नेपाल भेजे हैं। हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स, विशेषकर अपर त्रिशूली-1 की जलमग्न सुरंगों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भारतीय सेना का 13 सदस्यीय विशेष तकनीकी सुरंग बचाव दल भेजा गया है। घायलों के त्वरित इलाज के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की 11 सदस्यीय मेडिकल टीम वहां दिन-रात काम कर रही है। इसके अलावा शवों की पहचान और डीएनए जांच के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की छह टीमें आवश्यक उपकरणों के साथ नेपाल में तैनात की गई हैं।
बाढ़ में बहे पुलों और टूटी सड़कों के कारण नेपाल का संपर्क पूरी तरह टूट गया था। इस आधारभूत ढांचे और संपर्क को फिर से बहाल करने के लिए भारत ने 16 ट्रकों के जरिए 230 फीट लंबा सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील बेली ब्रिज नेपाल भेजा है। भारत जल्द ही ऐसे सात और बेली ब्रिज तथा उन्हें स्थापित करने वाली तकनीकी टीमें भेजने की प्रक्रिया में है। यह कदम दोनों देशों के गहरे संबंधों को दर्शाता है।
प्रो. नंदन ने कहा कि भारत की विदेश नीति में सेवा और परोपकार की भावना सबसे आगे दिखती है। भाजपा कार्यकर्ताओं के भीतर जो समाज सेवा का जज्बा भरा गया है, वही दृष्टिकोण प्रधानमंत्री के कामकाज में भी झलकता है। इसी सेवा भावना के कारण जनता का भरोसा लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बना हुआ है। किसी भी आपदा या संकट के समय भाजपा से जुड़े लोग और भारत सरकार सबसे पहले मदद के लिए आगे आते हैं।
उन्होंने विभिन्न देशों को दी गई सहायता का विस्तृत ब्योरा देते हुए कहा कि तुर्की हमेशा से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का समर्थन करता रहा है। इसके बावजूद जब वहां भीषण भूकंप आया तो भारत ने सबसे पहले राहत सामग्री, मेडिकल टीम और बचाव दल भेजे। भारत ने राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर सिर्फ मानवीयता के आधार पर तुर्की की हर संभव मदद की।
भूटान और बांग्लादेश को भी भारत ने लगातार जल विद्युत परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास, बजट सहायता और संकट के समय मुफ्त वैक्सीन देकर सशक्त बनाया है। प्रो. नंदन ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कदम दिखाता है कि भारत संकट के समय हर देश के साथ बिना किसी शर्त के मजबूती से खड़ा रहता है।

