123 साल पुराने गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में पूर्ण विधि-विधान से मनेगी दुर्गापूजा, उमड़ेंगे लाखों श्रद्धालु

धर्म ज्योतिष

पटना: राजधानी के प्राचीन और ऐतिहासिक गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में इस वर्ष भी शारदीय नवरात्र की दुर्गापूजा पूर्ण विधि-विधान और भव्यता के साथ मनाई जाएगी। 123 साल पुराने इस मंदिर में सप्तमी से लेकर दशमी तक मेले जैसा माहौल रहता है। बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद व गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी प्रबंध न्यास समिति के अध्यक्ष प्रो. रणबीर नंदन ने बताया कि यहां मुहूर्त का खास ख्याल रखते हुए वैदिक रीति से पूजा होती है। इस ठाकुरबाड़ी का निर्माण आजादी से पूर्व 1903 में सचिवालय के कर्मचारियों ने कराया था।

मिट्टी की मूर्तियों से लेकर स्थायी प्रतिमा तक का सफर

प्रो. नंदन ने बताया कि पूर्व में यहां मिट्टी की प्रतिमा बनाकर शारदीय नवरात्र में पूजा होती थी। बाद में पूर्व अध्यक्ष स्व. श्यामनंदन प्रसाद (पूर्व उपायुक्त वाणिज्यकर एवं प्रो. नंदन के पिता) के कार्यकाल में वासंतिक नवरात्र की भी शुरुआत हुई। सबसे पहले यहां राम दरबार, ठाकुर जी और मां काली का विग्रह स्थापित हुआ, फिर हनुमान जी का। 1944 में चित्रगुप्त भगवान स्थापित हुए। इसके बाद 1997 में स्व. अरुण कुमार वर्मा (पूर्व राज्य सूचना आयुक्त) के अध्यक्ष काल में मां दुर्गा की स्थायी प्रतिमा स्थापित की गई और फिर पंचमुखी हनुमान जी विराजमान हुए।

गायत्री परिवार के 400 साधक करेंगे साधना, बंटेगा विशेष भोग

नवरात्र के नौ दिनों तक ठाकुरबाड़ी में गायत्री परिवार के करीब 400 महिला-पुरुष साधक सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक साधना करते हैं, जिसका समापन भव्य हवन से होगा। नवमी के दिन मां भगवती को 56 भोग अर्पित किए जाते हैं। यहां सप्तमी से नवमी तक विशेष भोग प्रसाद का वितरण होता है। सप्तमी को चावल-दाल और सब्जी, अष्टमी को खिचड़ी और नवमी को पूर्ण कच्ची भोग का प्रसाद बंटता है। साथ ही सुबह से शाम तक सभी भक्तों को खीर प्रसाद मिलता है। नवमी के दिन हवन के पश्चात धूमधाम से कन्या पूजन का भी आयोजन किया जाएगा। विजयादशमी के दिन विशेष दरिद्रनारायण भोज का आयोजन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्रियों तक को भेजा गया न्योता

मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। पुराने निवासी जो अब गर्दनीबाग छोड़ चुके हैं, वे भी सपरिवार यहां दर्शन करने जरूर आते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले 20 वर्षों से यहां दर्शन-पूजन करते रहे हैं। इस वर्ष पूजन में शामिल होने के लिए वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी, सहित कई नेता व गणमान्य लोग हर साल पूजन के लिए आते रहे हैं।

इस बार भी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल, विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार समेत सभी विधायकों, विधान पार्षदों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। वहीं, प्रो. रणबीर नंदन स्वयं ठाकुरबाड़ी स्थित परमेश्वरी भवन में पूजन करेंगे।

इस बार नवरात्रि के दौरान 11 अक्टूबर को प्रात: नौ बजे से कलश स्थापना होगी। जकि 16 अक्टूबर को महाषष्ठी पूजा, बोधन अधिवास होगा। 17 अक्टूबर को महासप्तमी पूजा होगी और 11 बजे से प्रसाद वितरण होगा। 18 अक्टूबर को महाअष्टमी पूजा के बाद सुबह 11 बजे से प्रसाद वितरण और रात्रि 11 बजे से महानिशा पूजा होगी। 19 अक्टूबर को सुबह 7.29 बजे से 8.17 बजे तक महाअष्टमी एवं महानवमी संधि पूजा होगी। महाभोग प्रसाद वितरण दोपहर 2 बजे से होगा। जबकि 20 अक्टूबर को महादशमी पूजा 10 बजे से होगी और विजय यात्रा, शांति जल रात्रि 7.30 बजे से शुरू होगी।

गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी प्रबंध न्यास समिति के अध्यक्ष प्रो. रणबीर नंदन हैं जबकि इसके उपाध्यक्ष बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत हैं। वहीं सचिव एम्स पटन के हृदय रोग सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *