गयाजी में ऐतिहासिक भरत मिलापः गौरव सिन्हा के आवास से निकलेगा भगवान राम का दरबार, काशी की तर्ज पर होगी भव्य महाआरती

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गयाजीः मोक्ष और धर्म की पावन धरा गयाजी में इस वर्ष भी ऐतिहासिक और श्रद्धा से सराबोर ‘भरत मिलाप’ महोत्सव को अत्यंत भव्य और दिव्य रूप से मनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परंपरा के अनुसार, श्री आदर्श लीला समिति के तत्वावधान में अध्यक्ष कुमार गौरव उर्फ गौरव सिन्हा के न्यू बिसार तालाब स्थित आवास से भगवान श्रीराम का भव्य दरबार पूरे लाव-लश्कर के साथ निकलेगा। वहीं, किरानी घाट तारा मंदिर से निकलने वाली भरत जी की शोभायात्रा के साथ कोतवाली चौक पर दोनों झांकियों का भावुक और ऐतिहासिक मिलन संपन्न होगा।

भ्रातृत्व प्रेम, त्याग और मर्यादा के इस अनूठे पर्व की गरिमा को ध्यान में रखते हुए इस बार कई विशेष आकर्षण जोड़े गए हैं, जिससे पूरा शहर राममय वातावरण में डूबा नजर आएगा। इस वर्ष आयोजित होने वाले भरत मिलाप की झांकी को अभूतपूर्व रूप दिया जा रहा है। भगवान राम के दरबार की अगुवाई सजे-धजे घोड़े, ऊंट, परंपरागत ढोल-नगाड़े और कई प्रसिद्ध बैंड करेंगे। प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के स्वरूपों को सुसज्जित शाही बग्घी पर विराजमान कराया जाएगा। शोभायात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर प्रभु का स्वागत करेंगे।

बनारस की तर्ज पर होगी अलौकिक महाआरती


इस बार के आयोजन का मुख्य आकर्षण कोतवाली चौक पर होने वाली महाआरती होगी। ऐतिहासिक भरत मिलाप के पावन क्षण पर वाराणसी (काशी) के दशाश्वमेध घाट की तर्ज पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, डमरू वादन और विशाल पीतल के दीपदानों के साथ पुरोहित प्रभु के स्वरूपों की आरती उतारेंगे, जो श्रद्धालुओं के लिए एक अलौकिक और अविस्मरणीय अनुभव होगा।

आयोजन की गरिमा और महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री आदर्श लीला समिति के अध्यक्ष कुमार गौरव उर्फ गौरव सिन्हा ने कहा कि भरत मिलाप केवल एक धार्मिक परंपरा या उत्सव भर नहीं है, बल्कि यह हमारे सनातन संस्कारों, भ्रातृत्व प्रेम, मर्यादा और सर्वोच्च त्याग का सजीव दर्शन है। आज के समाज में जहां रिश्तों में दूरियां बढ़ रही हैं, वहीं भरत जी और प्रभु श्रीराम का यह निस्वार्थ मिलन पूरे विश्व को अटूट प्रेम और समर्पण का मार्ग दिखाता है। उन्होंने आगे कहा, हर साल की तरह इस बार भी न्यू बिसार तालाब से प्रभु का दरबार पूरे श्रद्धा भाव से निकलेगा। हमारी कोशिश है कि इस पावन प्रसंग की गरिमा को और अधिक भव्यता दी जाए। इसी उद्देश्य से इस बार काशी की तर्ज पर भव्य महाआरती का प्रबंध किया गया है, ताकि गयाजी की पावन भूमि पर उपस्थित हर श्रद्धालु प्रभु भक्ति और आध्यात्मिकता की उसी ऊर्जा को महसूस कर सके।

कोतवाली चौक पर जुटेगा आस्था का जनसैलाब


किरानी घाट तारा मंदिर से भरत जी की झांकी और न्यू बिसार तालाब से प्रभु राम के दरबार का प्रस्थान तय समय पर होगा। कोतवाली चौक पर जब दोनों भाइयों का मिलन होगा, तब वातावरण ‘जय श्री राम’ के जयकारों से गूंज उठेगा। आयोजन समिति ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस अलौकिक और ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें। सुरक्षा व्यवस्था और यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और समिति के कार्यकर्ता मुस्तैद रहेंगे।

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