पटना: बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणबीर नंदन ने मंगलवार को सारण जिले के दिघवारा स्थित सिद्धपीठ मां अम्बिका भवानी (आमी) मंदिर में सपरिवार पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर के ऐतिहासिक यज्ञ कुंड की परिक्रमा की और राज्यवासियों के कल्याण व सुख-समृद्धि की कामना की।
गंगा के पावन तट पर स्थित आमी धाम सनातन परंपरा में दक्ष प्रजापति की ऐतिहासिक यज्ञभूमि के रूप में विख्यात है, जहां माता सती ने आत्मदाह किया था। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, मार्कंडेय पुराण में वर्णित राजा सुरथ और समाधि वैश्य ने इसी पवित्र स्थल पर कठिन तप कर भगवती की कृपा पाई थी। मंदिर परिसर में आज भी वह यज्ञ कुंड मौजूद है, जो श्रद्धालुओं के बीच गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है।
प्रो. रणबीर नंदन ने मंदिर के धार्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आमी धाम बिहार के आध्यात्मिक और शक्ति सर्किट की एक मजबूत धुरी है। पटना के पटनदेवी, मुंगेर के चंडिका स्थान और गया के मंगलागौरी मंदिर की तरह ही यह धाम भी शाक्त परंपरा का प्रमुख केंद्र है। इसके अलावा सोनपुर के हरिहर क्षेत्र, वैशाली और बक्सर जैसे ऐतिहासिक स्थलों के नजदीक होने के कारण यह पूरे इलाके की ऋषि व रामायण संस्कृति को आपस में जोड़ता है।
राजधानी पटना से बेहतर सड़क संपर्क होने की वजह से आमी मंदिर राष्ट्रीय स्तर के तीर्थ स्थल के रूप में विकसित होने की पूरी क्षमता रखता है। प्रो. रणबीर नंदन ने कहा कि मां के दर्शन और यज्ञकुंड परिसर की परिक्रमा से अलौकिक शांति की अनुभूति हुई। उन्होंने मंदिर में विधि-विधान से पूजा संपन्न कर सभी के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की।

