खो रही संस्कृति और धूमिल पड़ते संस्कार की देन है वृद्धाश्रम
भारत में कुछ वृद्धों की इतनी दयनीय स्थिति है कि। मन्दिरों,मस्जिदों, सड़कों,चौराहों पर भीख मांगते हुए देखा जा सकता है।ऐसे में वृद्धाश्रम उनके लिए स्वर्ग समान है।यह शास्वत है कि इंसान जरूरत से ज्यादा हीं स्वार्थी हो चुका है।इसके लिए हमारी पीढ़ी भी दोषी है।पहले संयुक्त परिवार होते थे,वृद्धाश्रमों की संख्या नगण्य होती थी।अब तो […]
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