सृष्टि के प्रथम न्यायाधीश और न्याय के देवता हैं भगवान चित्रगुप्त
– मुरली मनोहर श्रीवास्तव पुराणों के अनुसार धर्मराज श्री चित्रगुप्त जी अपने दरबार में मनुष्यों के पाप-पुण्य का लेखा-जोखा करके न्याय करते हैं। आधुनिक विज्ञान के अनुसार सिद्ध हुआ है कि हमारे मन में जो भी विचार आते हैं वे सभी चित्रों के रुप में होते हैं। भगवान चित्रगुप्त इन सभी विचारों के चित्रों को गुप्त […]
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