हिंदी भाषा के महत्व और इसकी समृद्ध विरासत के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए 14 सितंबर को मनाया जाता है हिंदी दिवस

-डॉ. नम्रता आनंदहर साल 14 सितंबर को पूरे देश में हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह दिन हिंदी भाषा के महत्व और महत्ता पर ध्यान देने के साथ भारत की भाषाई विविधता को बढ़ावा देने और जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है। वर्ष 1949 में आज ही के दिन संविधान सभा ने एक मत […]

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जिन कुशल कामगारों का कोई नहीं उसके लिए विश्वकर्मा योजना

आर.के. सिन्हा कभी यह भी सोचा जाना चाहिए कि देश के आजाद होने के इतने दशक गुजरने के बाद भी हमने मोची, धोबी, बढ़ई, लोहार, कुम्हार जैसे निचले स्तर पर काम करने वालें कुशल कामगारों के हितों को लेकर कोई व्यापक नीति क्यों नहीं बनाई?  अगर इनके बारे में पहले सोचा जाता तो ये भी देश के विकास का […]

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R.K.Sinha

भारत में आयोजित जी-20 की दो बड़ी उपलब्धियां

आर.के. सिन्हा अब तक का सबसे भव्य अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन जी- 20 शिखर सम्मेलन जो भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित हुआ, दो वजहों से याद रखा जायेगा। पहला, जी 20 घोषणा पत्र पर सभी सदस्य देशों की सहमति बन गई। हालांकि, इस मसले पर चीन, कनाडा आदि देशों से विवाद होने की आशंका जताई जा रही थी। दूसरा, अफ्रीका यूनियन को भारत की […]

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R.K.Sinha

जी 20- सम्मलेन में मित्र देशों को भी भारत ने दिया सम्मान

आर.के. सिन्हा भारत ने जी-20 शिखर सम्मेलन में अपने करीबी मित्र देशों जैसे बांग्लादेश, मारीशस,संयुक्त अरब अमीरत वगैरह को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित करके मित्र धर्म का निर्वाह किया। भारत-बांग्लादेश के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं, हालांकि कभी-कभी सीमा विवाद तो होते ही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री […]

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खो रही संस्कृति और धूमिल पड़ते संस्कार की देन है वृद्धाश्रम

 भारत में कुछ वृद्धों की इतनी दयनीय स्थिति है कि। मन्दिरों,मस्जिदों, सड़कों,चौराहों पर भीख मांगते हुए देखा जा सकता है।ऐसे में वृद्धाश्रम उनके लिए स्वर्ग समान है।यह शास्वत है कि इंसान जरूरत से ज्यादा हीं स्वार्थी हो चुका है।इसके लिए हमारी पीढ़ी भी दोषी है।पहले संयुक्त परिवार होते थे,वृद्धाश्रमों की संख्या नगण्य होती थी।अब तो […]

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अल्पसंख्यकों के लिए चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं से बिहार की है अलग पहचान

किसी भी देश और राज्य की तरक्की वहां रहनेवाले लोगों का बिना किसी भेदभाव के विकास पर निर्भर करता है। चाहे वे किसी भी धर्म या समुदाय से ताल्लुकात रखते हों। यदि किसी राज्य या देश में रहनेवाला कोई भी वर्ग विकास से पीछे छूट जाए तो उस देश और राज्य का विकास कभी संभव […]

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राजमाता कर्णावती का राखी व हुमायूँ द्वारा रक्षा के झूठ..!

✒ समता कुमार (सुनील)चित्तौड़गढ की रानी द्वारा हुमायूं को राखी भेजने की कथा का तथ्यात्मक विश्लेषण :“गर्म रक्त चमड़ी की गन्ध याद रखना हिंदुओं..!!”राखी का ऐतिहासिक झूठ : सन् 1535 दिल्ली का शासक है बाबर का बेटा हुमायूँ..! …. उसके सामने देश में दो सबसे बड़ी चुनौतियां हैं — पहला अफगान शेर खाँ और दूसरा […]

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R.K.Sinha

भारत की आर्थिक छलांग के लिए यूपी महत्वपूर्ण क्यों?

–आर.के. सिन्हा आप उत्तर प्रदेश के किसी भी शहर में आज दिन या रात को जाएं तो आपको एक दशक पहले की तुलना में अभूतपूर्व अंतर दिखाई देगा। नोएडा से लेकर आगरा और कानपुर से लेकर बनारस तक, आपको हर जगह चमचमाते बाजार, मॉल और व्यवसायिक प्रतिष्ठान दिखाई देंगे। यूपी में किसी से भी बात करें, निश्चित रूप […]

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बिहार में एकबार फिर जंगलराज की वापसी हो चुकी है ?

– मनोज कुमार श्रीवास्तव कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है,दिनोंदिन बिहार में अपराध की घटनाएं बेतहाशा बढ़ रही है।थमने का नाम नहीं ले रही है। विगत कुछ दिनों में लूट,चोरी, डकैती, रंगदारी, दुष्कर्म, हत्या बलात्कार और अपहरण की घटनाओं में काफी वृद्धि हुई है।कानून से बेखौफ अपराधी एक के बाद एक बड़ी वारदातों को अंजाम दे […]

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बिंदेश्वर पाठक ने गांधी के स्वच्छता अभियान को ज़मीनी स्तर पर कार्यान्वित किया

बिंदेश्वर पाठक जैसी युगांतकारी शख्सियत सदियों में जन्म लेती हैं। स्वाधीनता दिवस के दिन झंडारोहण के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और फिर वे कुछ देर के बाद संसार से विदा हो गए। स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर उन्होंने अपने सुलभ ग्राम में एक कवि सम्मेलन करवाया था। वहां पर तमाम कवियों से मिले और […]

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