Category: आलेख
जाति,राजनीति और आरक्षण तीनों एक दूसरे के पूरक हैं!
– मनोज कुमार श्रीवास्तव ब्रिटिश भारत में पहली जनसंख्या जनगणना 1872 में ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड मेयो के अधीन हुई थी और अंतिम 1931 में हुई थी। 1872-1931 के बीच प्रत्येक जनगणना ने जाति आधारित आंकड़े एकत्रित किये।भारत की जनगणना 2011 तक 15 बार की जा चुकी है।हालांकि भारत की पहली सम्पूर्ण जातीय जनगणना 1881 में […]
Continue Readingक्यों 2023 में महिलाओं को मिलेंगी अधिक नौकरियां
–आर.के. सिन्हा एक मशहूर बिजनेस अखबार ने कुछ दिन पहले यह खबर प्रकाशित कर दी कि भारत के प्राइवेट सेक्टर में नए साल 2023 में महिलाओं की भर्तियों में तेजी आएगी। जब अधिकतर अखबारों तथा खबरिया चैनलों में निऱाशाजनक खबरों की भरमार रहने लगी है, तब किसी भी इंसान को उपर्युक्त खबर को पढ़कर सुकून तो मिलना ही चाहिए। […]
Continue Readingप्राकृतिक खेती से मिलेगा 50 लाख लोगों को रोजगारः जैविक मैन आर.के.सिन्हा
-मुरली मनोहर श्रीवास्तव संपूर्ण विश्व में बढ़ती हुई जनसंख्या एक गंभीर समस्या है, बढ़ती हुई जनसंख्या के साथ भोजन की आपूर्ति के लिए मानव द्वारा खाद्य उत्पादन की होड़ में अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए तरह-तरह की रासायनिक खादों, जहरीले कीटनाशकों का उपयोग पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित करता है, जिससे भूमि की उर्वरा […]
Continue Reading23 दिसम्बरः राष्ट्रीय किसान दिवसःअन्नदाता (किसान)सुखी तो देश सुखीः चौधरी चरण सिंह
– मनोज कुमार श्रीवास्तव किसान दिवस भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की याद में प्रति वर्ष मनाया जाता है।इनका जन्म 23 दिसम्बर1902 को मेरठ के हापुड़ में हुआ था।इन्हें किसानों के सबसे बड़ा मसीहा के तौर पर भी जाना जाता है।साल 2001 में भारत सरकार इनके सम्मान में हर […]
Continue Readingस्वधर्म व स्वराष्ट्र के लिए चार साहिबजादों का बलिदान!
– समता कुमार (सुनील) आज अपना देश जहाँ एक ओर सांस्कृतिक एवं वैचारिक रूप से वैश्विक आक्रमण झेलते हुए संघर्षरत दिखाई पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर अपनी संस्कृति एवं स्वधर्म के रक्षार्थ बलिदान होनेवाले गुरु गोविंद सिंह के चार साहिबजादों की याद हमें स्वधर्म व स्वराष्ट्र की अस्मिता के लिए बलिदान हेतु प्रेरणा प्रदान […]
Continue Readingचीन पर घटानी ही होगी भारत की आत्मनिर्भरता
आर.के. सिन्हा भारत के जाबांज सैनिकों ने पिछली 9 दिसंबर को चीन के गले में अंगूठा डाल दिया था। बात-बात पर धौंस जमाने वाले चीन को गलवान के बाद भारत ने तवांग में उसकी कायदे से अपनी औकात समझा दी। भारतीय सैनिकों ने चीनियों की कसकर भरपूर धुनाई की। लेकिन तवांग में चीन ने जो […]
Continue Readingरोको नौनिहालों को खुदकुशी करने से
-आर.के. सिन्हा राजस्थान के कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए अन्य राज्यों से आए तीन नौजवानों के आत्महत्या करने की घटना को सुनकर दिल दहल जाता है। जिन बच्चों का अभी सारा जीवन संभावनाओं से भरा पड़ा हुआ था, उन्होंने अपनी जीवन लीला को यूँ ही एक झटके में खत्म कर लिया। […]
Continue Reading15 दिसंबरः देश को एक सूत्र में बांध गए सरदार पटेल
देश-दुनिया के इतिहास में 15 दिसंबर की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। इस तारीख का रिश्ता भारत के लौह पुरुष और देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल से भी है। उन्होंने 15 दिसंबर, 1950 को मुंबई में सांस ली थी थी। उनका जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात […]
Continue Readingमहंगाई के मुद्दे पर मोदी को कितना शिकस्त दे पाएंगे नीतीश
देश की सत्ता पाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाने के लिए भाजपा के खिलाफ बगावत का स्वर गुंजने लगा है।वहीं विपक्षी दलों में कई नेता सुप्रीमो बनने की फिराक में अपनी गोटी जोड़ने में व्यस्त हैं। कांग्रेस को शिकस्त देने के लिए विपक्ष हुआ एकजुट कभी कांग्रेस को गद्दी से हटाने के लिए […]
Continue Reading
