जाति,राजनीति और आरक्षण तीनों एक दूसरे के पूरक हैं!
– मनोज कुमार श्रीवास्तव ब्रिटिश भारत में पहली जनसंख्या जनगणना 1872 में ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड मेयो के अधीन हुई थी और अंतिम 1931 में हुई थी। 1872-1931 के बीच प्रत्येक जनगणना ने जाति आधारित आंकड़े एकत्रित किये।भारत की जनगणना 2011 तक 15 बार की जा चुकी है।हालांकि भारत की पहली सम्पूर्ण जातीय जनगणना 1881 में […]
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