जाकिर हुसैन साहब का जाना देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है। इस बात पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ आर के सिन्हा ने बताया कि जाकिर हुसैन एक प्रसिद्ध तबला वादक हैं जिन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत में अपनी अद्वितीय प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। वह अपने पिता अली अकबर खान साहब की तरह एक महान संगीतकार हैं और उन्होंने अपने जीवनकाल में कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किए हैं। आगे श्री सिन्हा ने कहा कि हमें कईबार इन्हें रूबरू होकर सुनने का मौका मिला है। बहुत ही मिलनसार स्वभाव के थे।
ज्ञात हो कि जाकिर हुसैन का जन्म 9 मार्च 1951 को हैदराबाद में हुआ था। उन्होंने अपने पिता से तबला वादन सीखा और जल्द ही उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
जाकिर हुसैन ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध संगीतकारों के साथ काम किया है, जिनमें पंडित रवि शंकर, येहुदी मेनुहिन और जॉर्ज हैरिसन शामिल हैं। उन्होंने कई एल्बम भी रिकॉर्ड किए हैं और उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें ग्रैमी पुरस्कार और पद्म विभूषण शामिल हैं।
जाकिर हुसैन की तबला वादन शैली अद्वितीय है और उन्हें अपने संगीत के लिए दुनिया भर में प्रशंसा मिलती है। वह एक महान संगीतकार हैं और उनका योगदान भारतीय शास्त्रीय संगीत को समृद्ध बनाने में बहुत महत्वपूर्ण है।

