
डॉ. सुरेन्द्र सागर
बक्सर और भोजपुर जिले में गंगा नदी का जलस्तर घटने से तटीय इलाकों के साथ ही दियारा में रहने वाले ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर अगले पंद्रह दिनों में फिर से जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए बाढ़ प्रभावित अंचलों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है।
बक्सर जिले में पिछले दो दिनों के अंदर जलस्तर में गिरावट आई है।यहां दो दिनों पूर्व गंगा नदी का पानी डेंजर लेवेल को पार कर अब शहर के कॉलोनियों और रिहायशी इलाकों में प्रवेश करने के लिए उफान मार रहा था।इसे लेकर बक्सर में गंगा नदी से सटे मुहल्लों में रहने वालों की नींद उड़ गई थी।
यहीं नही चौसा प्रखंड के बनारपुर, सिमरी प्रखंड के श्रीकांत राय के डेरा समेत कई गांवों के चारों तरफ पानी पहुंचने लगा था।इन गांवों के ग्रामीणों की भी बेचैनी बढ़ गई थी।
अब जबकि गंगा नदी का रौद्र रूप थोड़ा कम हुआ है और पानी नीचे की तरफ गया है तो लोगों ने राहत भरी सांस ली है।
बक्सर के जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल बक्सर में बाढ़ के बढ़ते घटते स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को बाढ़ राहत एवं बचाव कार्य को लेकर पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया है।जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने बक्सर कोइलवर तटबंध पर लगातार पुलिस की पेट्रिलिंग जारी रखने का सभी थानों को भी निर्देश दिया है।उन्होंने कहा है कि बक्सर कोइलवर तटबंध की सुरक्षा में थोड़ी सी भी चूक नही होनी चाहिए।बाढ़ की स्थिति में राहत और बचाव कार्य के लिए कैम्प से जुड़े स्थलों को भी चिन्हित कर लिया गया है।उन्होंने कहा कि तीन चार दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था किंतु अब इसमें कमी हो रही है।जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।आपदा विभाग को भी सभी तरह से तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।चिकित्सक दल समेत एनडीआरएफ को भी तैयार कर दिया गया है।
चलंत मेडिकल वैन, इमरजेंसी की सभी दवाएं, स्टाफ के अलावे गोताखोर एवं निजी नाविकों को भी पूरी तरह से अलर्ट पर रखा गया है। जरूरत पड़ने पर एक साथ सभी इलाके में प्रशासनिक अधिकारी राहत एवं बचाव कार्य में जुट जाएंगे।
जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने सदर एसडीएम धीरेन्द्र मिश्रा और कई अन्य अधिकारियों के साथ बक्सर के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल रामरेखा घाट गंगा नदी के घाट का निरीक्षण किया।त्रेता युग में भगवान श्री राम,लक्ष्मण और महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ से जुड़े रामरेखा घाट पर पहुंचकर जिलाधिकारी ने बाढ़ की स्थिति को नजदीक से देखा।यहां गंगा नदी की हलचल धीरे धीरे पहले से कम सुनाई दे रही है।पानी का स्तर घटा है और बाढ़ के खतरे पर फिलहाल ब्रेक लग गया है लेकिन जिस तरीके से पिछले 24 घण्टे में जमकर मूसलाधार बारिश हुई है उससे संभावना जताई जा रही है कि एकबार फिर बक्सर में गंगा नदी अपने रौद्र रूप दिखा सकती है।
दूसरी तरफ भोजपुर जिले में सोन और सरयू नदी के त्रिवेणी संगम पर भारी दबाव होने की वजह से गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही थी लेकिन इधर एक दो दिनों से पानी का दबाव कम होने से गंगा नदी का जलस्तर भी कुछ कम हुआ है।
जिले के बड़हरा प्रखण्ड के नेकनाम टोला,अलेखी टोला,जीवा राय के टोला,बड़हरा,केशोपुर, सोहरा,त्रिभुवानी,बलुआ, पीपरपांति,सलेमपुर आदि कई इलाकों में गंगा नदी का पानी पसरने वाला ही था कि अब जलस्तर में कमी से बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है।
भोजपुर के जिलाधिकारी राजकुमार ने आने वाले पंद्रह दिनों के भीतर फिर से बाढ़ की संभावनाओं को देखते हुए सभी सीओ,बीडीओ,आपदा विभाग के अधिकारियों,एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया है।

