दिल्ली, लखनऊ, पटना के साहित्य संसार में सन्नाटा क्यों ?
-आर.के. सिन्हा यह संभव है कि मौजूदा युवा पीढ़ी को शायद पता ही न हो कि कोई एक-डेढ़ दशक पहले तक दिल्ली, लखनऊ, पटना वगैरह हिन्दी पट्टी के खास शहरों में हिन्दी लेखकों-कवियों की दिनभर कॉफी हाउस से लेकर शामों में अलग-अलग साहित्य प्रेमियों के घरों में लगातार गोष्ठियां आयोजित हुआ करती थीं। उनमें लेखक […]
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