एयर इंडिया में महिला के साथ शराबी द्वारा की गई बदसलूकी के लिए केंद्र सरकार है जिम्मेदार : प्रो. रणबीर नंदन

पटना: न्यूयॉर्क से 26 नवंबर 2022 को दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-102 में एक व्यक्ति ने महिला पर पेशाब कर दिया। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व विधान पार्षद प्रो. रणबीर नंदन ने केंद्र सरकार और इंडियन एयरलाइन्स प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। […]

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फिट इंडिया मूवमेंट नए साल में ‘फिट इंडिया-संडे टॉक्स’ नामक एक विशेष ऑनलाइन श्रृंखला शुरू

दिल्लीः युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय का एक प्रमुख कार्यक्रम – फिट इंडिया मूवमेंट नए साल में ‘फिट इंडिया-संडे टॉक्स’ नामक एक विशेष ऑनलाइन श्रृंखला शुरू करने के लिए तैयार है। यह कार्यक्रम जाने माने फिटनेस विशेषज्ञों और फिट इंडिया आइकन द्वारा एक ऑनलाइन टॉक शो है, जो, 8 जनवरी से 26 फरवरी, 2023 तक […]

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झूठ की खेती और लोकतंत्र की हत्या है भाजपा का एजेंडा : डॉ. रणबीर नंदन

पटनाः जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधान पार्षद डॉ. रणबीर नंदन ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के बिहार दौरे पर नीतीश कुमार पर दिए बयानों पर कड़ा जवाब दिया है। डॉ. नंदन ने कहा कि नीतीश कुमार इस देश के सबसे ईमानदार नेता हैं। उनकी छवि विकास पुरुष की है। […]

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जल संरक्षित रहेगा और हरियाली रहेगा तभी जीवन सुरक्षित रहेगाः मुख्यमंत्री

पटनाः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सम्राट अशोक कन्वेंशन केन्द्र स्थित ज्ञान भवन में जल- जीवन – हरियाली दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का पौधे में जल अर्पण कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल – जीवन – हरियाली दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सभी लोगों ने […]

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भारत को 21वीं सदी में वो मुकाम हासिल होगा, जिसका वो हमेशा हकदार रहा हैःपीएम

दिल्लीः   ‘इंडियन साइन्स काँग्रेस’ के आयोजन के लिए बहुत-बहुत बधाई अगले 25 वर्षों में भारत जिस ऊंचाई पर होगा, उसमें भारत की वैज्ञानिक शक्ति की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी। साइंस में Passion के साथ जब देश की सेवा का संकल्प जुड़ जाता है, तो नतीजे भी अभूतपूर्व आते हैं। मुझे विश्वास है, भारत की साइंटिफिक कम्यूनिटी, भारत को 21वीं सदी में वो मुकाम हासिल कराएगी, जिसका वो हमेशा हकदार रहा है। मैं इस विश्वास की वजह भी आपको बताना चाहता हूं। आप भी जानते हैं कि Observation साइंस का मूल आधार है। Observation के जरिए आप साइंटिस्ट्स, patterns फॉलो करते हैं, फिर उन patterns को analyse करने के बाद किसी नतीजे पर पहुंचते हैं। इस दौरान एक साइंटिस्ट के लिए हर कदम पर डेटा जुटाना और उसे analyse करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। 21वीं सदी के आज के भारत में हमारे पास दो चीजें बहुतायत में हैं। पहली- डेटा और दूसरी- टेक्नोलॉजी। इन दोनों में भारत की साइंस को नई बुलंदियों पर पहुंचाने की ताकत है। Data Analysis की फील्ड, तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। ये Information को Insight में और Analysis को actionable Knowledge में बदलने में मदद करती है। चाहे Traditional Knowledge हो या Modern Technology, ये दोनों ही Scientific Discovery में मददगार होती हैं। और इसलिए, हमें अपने scientific process को और मजबूत बनाने के लिए अलग-अलग techniques के प्रति खोजी प्रवृत्ति को विकसित करना होगा। आज का भारत जिस साईंटिफ़िक अप्रोच से आगे बढ़ रहा है, हम उसके नतीजे भी देख रहे हैं। साइंस के क्षेत्र में भारत तेजी से वर्ल्ड के Top Countries में शामिल हो रहा है। 2015 तक हम 130 देशों की ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 81वें नंबर पर थे। लेकिन, 2022 में हम छलांग लगाकर 40वें नंबर पर पहुँच गए हैं। आज भारत, PhDs के मामले में दुनिया में टॉप-3 देशों में है। आज भारत स्टार्ट अप ecosystem के मामले में दुनिया के टॉप-3 देशों में है। मुझे खुशी है कि, इस बार इंडियन साइन्स काँग्रेस की थीम भी एक ऐसा विषय है, जिसकी दुनिया में सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। विश्व का भविष्य sustainable development के साथ ही सुरक्षित है। आपने sustainable development के विषय को women empowerment के साथ जोड़ा है। मैं मानता हूँ कि, व्यावहारिक रूप से भी ये दोनों एक दूसरे से जुड़े हुये हैं। आज देश की सोच केवल ये नहीं है कि हम साइन्स के जरिए women empowerment करें। बल्कि, हम women की भागीदारी से साइन्स का भी empowerment करें, साइन्स और रिसर्च को नई गति दें, ये हमारा लक्ष्य है। अभी भारत को G-20 समूह की अध्यक्षता की ज़िम्मेदारी मिली है। G-20 के प्रमुख विषयों में भी women led development एक बड़ी प्राथमिकता का विषय है। बीते 8 वर्षों में भारत ने गवर्नेंस से लेकर सोसाइटी और इकॉनमी तक, इस दिशा में कई ऐसे असाधारण काम किए हैं, जिनकी आज चर्चा हो रही है। आज भारत में मुद्रा योजना के जरिए छोटे उद्योगों और व्यवसायों में भागीदारी हो या स्टार्टअप वर्ल्ड में लीडरशिप, महिलाएं हर जगह पर अपना दम दिखा रही हैं। बीते 8 वर्षों में Extramural research and development में महिलाओं की भागीदारी दोगुनी हुई है। महिलाओं की ये बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि समाज भी आगे बढ़ रहा है और देश में साइन्स भी आगे बढ़ रही है। किसी भी वैज्ञानिक के लिए असल चुनौती यही होती है कि वो अपने knowledge को ऐसे applications में बदल दे, जिससे दुनिया की मदद हो सके। जब साइंटिस्ट अपने प्रयोगों से गुजरता है तो उसके मन में यही सवाल रहते हैं कि क्या इससे लोगों का जीवन बेहतर होगा? या उनकी खोज से विश्व की जरूरतें पूरी होंगी? साइंस के प्रयास, बड़ी उपलब्धियों में तभी बदल सकते हैं- जब वो lab से निकलकर land तक पहुंचे, जब उसका प्रभाव global से लेकर grassroot तक हो, जब उसका विस्तार journals से लेकर जमीन तक हो, जब उससे बदलाव research से होते हुए real life में दिखने लगे। जब साइंस की बड़ी उपलब्धियां experiments से लेकर लोगों के experiences तक का सफर तय करती हैं, तो इससे एक अहम संदेश जाता है। ये बात युवाओं को बहुत प्रभावित करती है। वो सोचते हैं कि साइंस के जरिए वो पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए Institutional Framework की आवश्यकता होती है। ताकि उनकी आकांक्षाओं का विस्तार किया जा सके, उन्हें नए अवसर दिए जा सकें। मैं चाहूंगा कि यहां मौजूद वैज्ञानिक ऐसा Institutional Framework विकसित करें, जो युवा प्रतिभाओं को आकर्षित करे और उन्हें आगे बढ़ने का मौका दे। उदाहरण के लिए, टैलेंट हंट और हैकेथॉन के आयोजनों के जरिए साइंटिफिक सोच रखने वाले बच्चों की तलाश की जा सकती है। इसके बाद उन बच्चों की समझ को एक proper roadmap के जरिए विकसित किया जा सकता है। इसमें सीनियर साइंटिस्ट उनकी मदद कर सकते हैं। आज हम देखते हैं कि स्पोर्ट्स में भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इसके पीछे दो महत्वपूर्ण वजह है। पहला, स्पोर्ट्स की प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए देश में Institutional Framework को मजबूत बनाया गया। दूसरा, स्पोर्ट्स में गुरु-शिष्य परंपरा का अस्तित्व और प्रभाव। जहां नई प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाया जाता है। जहां शिष्य की सफलता में गुरु अपनी कामयाबी देखते हैं। ये परंपरा साइंस के क्षेत्र में भी सफलता का मंत्र बन सकता है। […]

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28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से 710 लड़की एनसीसी कैडेटों में हुईं शामिल

दिल्लीः राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) गणतंत्र दिवस शिविर 2023 करियप्पा परेड ग्राउंड, दिल्ली कैंट में शुरू हुआ। इस शिविर में सभी 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों से 710 लड़कियों सहित कुल 2,155 कैडेटों को शामिल किया गया है जो लगभग एक महीने चलने वाले इस शिविर में भाग ले रहे हैं। इस शिविर […]

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बंदरगाह 100 एमएमटी कार्गो कार्य-व्यापार की अभीष्ट सीमा पार करने के लिये है तत्पर

दिल्लीः पारादीप बंदरगाह पर नये वर्ष 2023 का आगमन धूम-धड़ाके के साथ हुआ, क्योंकि टीम पीपीए ने देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों द्वारा कार्गो कार्य-कलाप के मद्देनजर दिसंबर माह में सबसे अधिक कार्गो कार्य-व्यापार करने के साथ वर्ष 2022 को विदा किया। उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2022 में कार्गो कार्य-व्यापार 12.6 एमएमटी हुआ, जो अब […]

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108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस को प्रधानमंत्री 3 जनवरी को करेंगे संबोधित

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 3 जनवरी, 2023 को  वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस (आईएससी) को संबोधित करेंगे। इस वर्ष के आईएससी का मुख्य विषय महिला सशक्तिकरण के साथ सतत विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी”। इस आयोजन के दौरान सतत विकास, हिला सशक्तिकरण और इसे प्राप्त करने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। प्रतिभागी महिलाओं को एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित) शिक्षा, अनुसंधान के अवसरों और आर्थिक भागीदारी तक समान पहुंच प्रदान करने के तरीके खोजने के प्रयासों के साथ-साथ शिक्षण, अनुसंधान और उद्योग के शीर्ष क्षेत्रों में महिलाओं की संख्या बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा और विचार-विमर्श करेंगे। विज्ञान और प्रौद्योगिकी में महिलाओं के योगदान को प्रदर्शित करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रसिद्ध महिला वैज्ञानिकों के व्याख्यान भी होंगे। आईएससी के साथ-साथ कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। बच्चों के बीच वैज्ञानिक रुचि और स्वभाव को प्रोत्साहित करने में मदद करने के लिए बाल विज्ञान कांग्रेस का भी आयोजन किया जाएगा। किसान विज्ञान कांग्रेस जैव-अर्थव्यवस्था में सुधार और युवाओं को कृषि के प्रति आकर्षित करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी। जनजातीय विज्ञान कांग्रेस भी आयोजित की जाएगी, जो आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण पर ध्यान देने के साथ-साथ स्वदेशी प्राचीन ज्ञान प्रणाली और परंपरा को वैज्ञानिक तरीके से दर्शाने के लिए एक मंच होगा। कांग्रेस का पहला अधिवेशन 1914 में आयोजित किया गया था। आईएससी का 108वां वार्षिक सत्र राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में आयोजित किया जाएगा, जो इस वर्ष अपनी शताब्दी भी मना रहा है।

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एयर मार्शल पंकज मोहन सिन्हा ने भारतीय वायु सेना पश्चिमी वायु कमान की संभाली जिम्मेदारी

दिल्लीः  एयर मार्शल पंकज मोहन सिन्हा ने 01 जनवरी 2023 को भारतीय वायु सेना की पश्चिमी वायु कमान का कार्यभार ग्रहण कर लिया है।एयर मार्शल पंकज मोहन सिन्हा पुणे की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से स्नातक हैं और वे जून 1985 में एक लड़ाकू विमान पायलट के रूप में भारतीय वायु सेना में नियुक्त किये गए […]

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अनिल कुमार लाहोटी ने संभाला रेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष एवं सीईओ का पदभार

दिल्लीः अनिल कुमार लाहोटी ने रेलवे बोर्ड (रेल मंत्रालय) के नये अध्‍यक्ष एवं मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का पदभार ग्रहण किया। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने दिनांक 01.01.2023 से अनिल कुमार लाहोटी की अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रेलवे बोर्ड के पद पर नियुक्ति को मंजूरी दी है । उन्होंने दिनांक 17.12.2022 को रेलवे बोर्ड में सदस्य, इंफ्रास्ट्रक्चर  के रूप में पदभार संभाला था । अनिल कुमार लाहोटी,  इंडियन रेलवे सर्विस ऑफ इंजीनियर्स के 1984 बैच के अधिकारी हैं। इन्हें भारत सरकार द्वारा अनुमोदित इंडियन […]

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