सुप्रीम कोर्ट में कब मिलेगा भारतीय भाषाओं को उनका हक

–आर.के. सिन्हा सुप्रीम कोर्ट में देश की आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी सिर्फ अंग्रेजी में ही जिरह करने की अनिवार्यता बताना उन तमाम भारतीय भाषाओं की अनदेखी और अपमान ही माना जाएगा, जिसमें इस देश के करोड़ों लोग आपस में संवाद करते हैं। अंग्रेजी से किसी को ऐतराज़ भी नहीं है। […]

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आपसी कलह-क्लेश हल कर आगे क्यों नहीं बढ़ते सभी राज्य

–आर.के.सिन्हा देश के विभिन्न राज्य आपस में दुश्मनों की तरह से लड़े और अदावत रखें, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। पिछले दिनों असम-मेघालय सीमा पर कथित तौर पर अवैध लकड़ी ले जा रहे एक ट्रक को असम के वनकर्मियों ने रोका जिसके बाद भड़की हिंसा में छह लोगों की मौत हो गई। क्या यह इतना […]

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26 नवम्बरःराष्ट्रीय कानून दिवस जिसे ‘संविधान दिवस’ के रुप में मनाते है

– मनोज कुमार श्रीवास्तव भारतीय इतिहास में 26 नवम्बर बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है।इस तारिख़ को संविधान दिवस तो कहा ही जाता है साथ ही इसे राष्ट्रीय कानून दिवस भी कहा जाता है।वास्तव में 26 नवम्बर 1949 ही वो खास दिन था,जिस दिन संविधान को देश के समक्ष पेश किया गया था।हालांकि इसे 26 जनवरी […]

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अविभाजित आधुनिक बिहार के निर्माता डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा जिन्होंने देश पर अपना सर्वस्व न्योक्षावर कर दिया

(10 नवंबर जयंती विशेष) गांधी जी के नेतृत्व में देश के सभी वर्गों ने एकजुट होकर आजादी की लड़ाई लड़ी। कई विभूतियों ने कुर्बानियां दी और देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योक्षावर कर दिया। कई बड़े नाम पंडित जवाहर लाल नेहरु, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल, डॉ.राजेंद्र प्रसाद […]

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क्यों खास है कैथोलिक-प्रोटेस्टेंट चर्च का करीब आना

-आर.के. सिन्हा उत्तर भारत के ईसाई समाज के लिए पिछली 2 नवंबर की तारीख विशेष रही। उस दिन जब सारी दुनिया के ईसाई ‘ऑल सोल्स डे’ मना रहे थे, तब हरियाणा के शहर रोहतक में कैथोलिक और प्रोटेस्टेट पादरी समुदाय के लोग मिलजुलकर इस त्यौहार पर एक साथ बैठे। इन्होंने तय किया कि वे देश […]

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9 नवम्बर ” राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस “: समाज के वंचित वर्ग के लोगों को नि:शुल्क न्याय प्राप्ति के लिए सहायता एवं समर्थन जुटाना होता है

-मनोज कुमार श्रीवास्तवदेश के सभी नागरिकों को उचित, निष्पक्ष और सुलभ न्याय प्रक्रिया तक पहुंचाने को सुनिश्चित करने के लिए “राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस “प्रतिवर्ष 9 नवम्बर को मनाया जाता है। इसको मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित वर्ग के लोगों को नि:शुल्क न्याय प्राप्ति के लिए सहायता एवं समर्थन जुटाना होता है।राष्ट्रीय विधिक […]

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शिक्षा का बाजारीकरण बन्द होना चाहिए

आज भारत की शिक्षा एक बड़े संकट से गुजर रही है।20 करोड़ बच्चों ने पढ़ाई के अपने दो साल कोरोना के कारण गवां दिये हैं। वाकई हमारी शिक्षा व्यवस्था बिगड़ गई है।बच्चे वह नहीं सिख रहे हैं,जो उनको सीखना चाहिए।भौगोलिक,सामाजिक व आर्थिक विषमताओं के कारण शिक्षा की पहुंच समान नहीं है।यही कारण है कि क्षमताओं […]

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जेजे ईरानी में दिखाई देता था जेआरडी टाटा का अक्स

–आर.के. सिन्हा जेजे ईरानी एक अरसा पहले टाटा स्टील के मैनेजिंग डायरेक्टर पद से मुक्त होने के बाद खबरों की दुनिया से कमोबेश गायब से थे। पर उनके हाल ही में हुये निधन के बाद उन्हें जिस तरह से याद किया जा रहा है, उससे साफ है कि वे असाधारण कोरपोरेट हस्ती थे। ‘स्टीलमैन ऑफ इंडिया‘ के नाम से […]

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मैं क्यों हूँ, मैं जो हूँ: भारतीय स्वाधीनता के 75 वर्ष-5

नीरज सिंह भारतीय संस्कृति में दूध का विशेष महत्व है। हमारा कोई भी पूजा-पाठ गाय के दूध के बिना पूर्ण नहीं माना जाता है। कहा जाता है कृष्ण के द्वापर युग में दूध की नदियाँ बहा करती थीं। व्यवहारिक तौर पर और साइंटिफिकली भी दूध को उसकी पौष्टिकता के कारण एक कंपलीट फूड की संज्ञा […]

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तो बार-बालाओं के ठुमकों से बिहार अब लुभाएगा निवेशकों को

आर.के. सिन्हा बिहार के औरंगाबाद शहर में बीते दिनों आयोजित निवेशक सम्मेलन के दौरान जिस तरह की ओछी हरकत हुई उसको जानकार कोई भी बिहारी उदास हो जाएगा। वहां पर एक निवेशक सम्मेलन आयोजित किया गया। उसमें देश भर से निवेशक आमंत्रित किए गए। सम्मेलन का उदघाटन राज्य के उद्योग मंत्री समीर महासेठ ने किया। […]

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