चन्द्रकान्ता सन्तति” के उपन्यासकार देवकीनंदन खत्री का आज भी बरकरार है ‘तिलिस्म’
– मुरली मनोहर श्रीवास्तव बिहार के लिए गौरव की बात है कि संस्कृत साहित्य में जहां गद्य और उपन्यास के पहले लेखक बिहार के बाणभट्ट हुए, वहीं हिन्दी के भी प्रथम गद्यकार एवं उपन्यासकार देवकीनंदन खत्री थे। वे 19वीं सदी के एक प्रखर गद्य लेखक, उपन्यासकार के साथ समाजसेवी भी थे। देवकीनन्दन खत्री जी का […]
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