* सामाजिक व प्रशासनिक कार्यों में नवाचार व कर्तव्यनिष्ठा के लिए चर्चित हैं SP डॉ. कुमार आशीष
छपरा (सारण): मुजफ्फरपुर में रेल एसपी रहते हुए स्टेशन पर घूमने वाले लावारिस बच्चों के लिए “रेल पुलिस पाठशाला” की शुरुआत करने वाले सारण के एसपी डॉ.कुमार आशीष एक बार फिर से सुर्खियों में छाए हुए हैं। इनकी कार्यशैली ही इन्हें हमेशा चर्चा में बनाए रखती है। इन्होंने जहां भी कमान संभाली है, वहां अपने कर्तव्यनिष्ठा के बूते नई इबारत लिखने में सफल साबित होते हैं।
जेपी विश्वविद्यालय में डॉ. कुमार आशीष की कार्यशैली और उपलब्धियों पर हुई जमकर चर्चा
जयप्रकाश विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. कमाल अहमद ने सारण के एसपी डॉ. कुमार आशीष की कार्यशैली और उपलब्धियों की जमकर सराहना करते हुए कहा कि स्वर्ण व्यवसायी से लूट मामले में मकेर थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मियों की संलिप्तता उजागर करने और त्वरित कार्रवाई करने के लिए डॉ. कुमार आशीष बधाई के पात्र हैं। यह उनके उस दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें कानून के तहत कोई भी दोषी बच नहीं सकता।डॉ. कमाल अहमद ने उनके कल्चरल और कम्युनिटी पुलिसिंग प्रयासों को भी सराहा, जिसके लिए डॉ. कुमार आशीष को केंद्रीय गृह मंत्री से 2020 में सर्वोत्कृष्ट अनुसंधान पदक से नवाजा गया।

50 दिनों के अंदर बीएनएस कानून के तहत दोषियों को दिलाई सजा
डॉ. अहमद ने कहा कि छपरा के एसपी के रूप में मई 2024 में कार्यभार संभालने के बाद डॉ. आशीष ने रसूलपुर थाना क्षेत्र के तिहरे हत्याकांड में सिर्फ 50 दिनों के भीतर बीएनएस कानून के तहत दोषियों को सजा दिलाई। यह अपने आप में देश का पहला उदाहरण था। केंद्रीय नेतृत्व ने इस मॉडल को पूरे देश में लागू करने की अनुशंसा की थी।
डॉ. कमाल अहमद ने कहा कि डॉ. आशीष जैसे कर्मठ, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी से सारण की जनता को न केवल कानून व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा, बल्कि वे खुद को सुरक्षित और निर्भीक महसूस कर सकेंगे। अपराध पर नियंत्रण और सामाजिक सुधार उनकी सबसे बड़ी पहचान है।
कुमार आशीष की “रेल पुलिस पाठशाला”
मुजफ्फरपुर में रेल एसपी रहते हुए उन्होंने रेलवे स्टेशन पर घूमने वाले लावारिस बच्चों के लिए “रेल पुलिस पाठशाला” की शुरुआत की थी। यह कदम उनके मानवीय और सामाजिक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है। मधेपुरा, नालंदा, किशनगंज, मोतिहारी और मुजफ्फरपुर में उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें नागरिक-हितैषी अधिकारी के रूप में पहचाना गया।
2012 बैच के IPS हैं डॉ. कुमार आशीष
डॉ. कुमार आशीष, भारतीय पुलिस सेवा के 2012 बैच के अधिकारी, अपने समर्पण और सौम्य व्यवहार के लिए प्रसिद्ध हैं। सिकंदरा (जमुई) के एक छोटे से गांव से जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू), नई दिल्ली तक का उनका सफर संघर्ष और मेहनत से भरा हुआ है। फ्रेंच भाषा में उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके डॉ. आशीष को अध्ययन-अध्यापन का शौक हमेशा से रहा है।
सारण एसपी डॉ. कुमार आशीष को उनके सामाजिक व प्रशासनिक कार्यों में नवाचार व कर्तव्यनिष्ठा के लिए डॉ (प्रो) सुनील कुमार सिंह, अनुज कुमार सिंह, के के सिंह सेंगर, वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार श्रीवास्तव, धर्मेंद्र रस्तोगी, वीरेंद्र कुमार यादव, शिक्षाविद व पत्रकार प्रो. अजीत कुमार सिंह, समाजसेवी डॉ सत्यदेव प्रसाद यादव आदि ने भी कार्यक्रम में डॉ.कुमार की जमकर की प्रशंसा।

