
आरा कार्यालय
भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने इंडी गठबंधन द्वारा आयोजित बिहार बंद को फ्लॉप करार देते हुए कहा कि कांग्रेस, राजद और वामपंथी दलों के नेता देश और प्रदेश की भोली भाली जनता को गुमराह कर उनके वोट को लूटने और सत्ता प्राप्त करने की साजिश रचने में जुटे हुए हैं और बिहार और देश की प्रगति एवं विकास को ठप करना चाहते हैं. झूठ, भ्रम और भय फैलाकर लोगों को गुमराह करने में जुटी ये विपक्षी पार्टियां जनता का विश्वास खो चुकी है और अब किसी तरह चुनाव जितने के लिए एक बार फिर वोटर वेरिफिकेशन के काम में बाधा डालने के लिए जनता को बरगलाने के लिए सड़कों पर उतरी है. बिहार बंद जनता को गुमराह करने की रणनीति का हिस्सा है, लेकिन इस बाद बिहार की जनता सजग और पूरी तरह सतर्क है.ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि 2024 के चुनाव में इंडी गठबंधन के नेताओं ने कहा था कि यह देश का आख़िरी चुनाव होगा. संविधान खत्म हो जाएगा. आरक्षण छीन लिया जाएगा. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को तीसरी बार शपथ लिए एक साल से ज़्यादा हो गया है.संविधान वही है. संसद वही है. भारत का लोकतंत्र मजबूती से कायम है. यहीं नहीं साल 1930 के बाद आजाद भारत में पहली बार 2026 में जातीय जनगणना मोदी सरकार ही कराने जा रही है.

ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि देश जानता है कि जब तक मोदी जी हैं तब तक कोई गरीब और वंचित का अधिकार नहीं छीन सकता.उन्होंने सीमांचल में नए वोटरों को लेकर बड़ा सवाल किया और कहा कि कि सीमांचल क्षेत्र में सर्वाधिक नए वोटर बन रहे हैं. ऐसे में उनका आज राहुल गांधी से सीधा सवाल है कि क्या राहुल गांधी और तेजस्वी यादव घुसपैठियों को वोटर बनाने की कोशिश कर रहे हैं? अगर हाँ, तो यह न केवल लोकतंत्र के साथ धोखा है बल्कि बिहार के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के एक कार्यकर्ता के रूप में वे यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि जब तक भाजपा है और जब तक बिहार की जनता में राष्ट्रवादी चेतना है तब तक बिहार को बंगाल नहीं बनने
दिया जायेगा. बिहार अराजकता, तुष्टिकरण और घुसपैठ नहीं बल्कि विकास, कानून और संविधान की राह पर चलेगा.

