भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने देश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून बनाने की मांग की है। लेकिन जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधान पार्षद डॉ. रणबीर नंदन ने इस मांग को गैरजरुरी बताया है। उन्होंने कहा कि कानून गलतियों के लिए होता है। समाज सुधार कानून के जरिए नहीं हो सकता। जनसंख्या के नियंत्रण पर कानून बनाने की मांग करने का कोई लाभ नहीं होने वाला। बिहार में जनसंख्या नियंत्रण का मॉडल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों से संभव हो सका है। नीतीश कुमार के शिक्षा मॉडल के कारण लगातार जागरुकता फैल रही है और इसी कारण समाज सुधार के कार्यक्रम प्रभावी हो रहे हैं।
डॉ. नंदन ने कहा कि बिहार में पुरुष साक्षरता दर 73.39 प्रतिशत और महिला साक्षरता दर 53.33 प्रतिशत है। इस दर को लगातार बेहतर करने का प्रयास किया गया है, जिसका फल है कि महिलाओं में जागरुकता बढ़ी है। 2001 में बिहार के महिलाओं में साक्षरता 33 प्रतिशत ही थी। नतीजा कि हमारा प्रजनन दर 4 से अधिक था। नीतीश कुमार ने लगातार महिलाओं को शिक्षा व रोजगार के प्रति ऐसे जागरुक किया है कि महिलाओं में जागरुकता लगातार फैल रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार में लगातार जनसंख्या नियंत्रण पर काम हो रहा है। नीतीश कुमार के प्रयासों से बिहार में प्रजनन दर के प्रति लोगों की जागरुकता बढ़ी है और इसमें लगातार कमी आई है। राज्य में प्रजनन दर पहले 4.3 थी। लेकिन अब यह 3 हो गई है। राज्य सरकार का टारगेट है कि इसे 2.0 तक लाया जाए। यह सब संभव सिर्फ नीतीश कुमार जी के शिक्षा मॉडल को अपना कर ही हो सकता है।

