रेलवे बोर्ड का नया आदेश गया जंक्शन पर क्यों नहीं लागू? शवों के निष्पादन पर अब भी ₹5 हजार का ही भुगतान, ₹7 हजार का आदेश फाइलों में कैद

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गया: रेलवे बोर्ड ने मृत शवों को कफन उपलब्ध कराने एवं रेलवे परिसर से उनके निष्पादन (Disposal) के लिए भुगतान की राशि बढ़ाने का आदेश जारी किया है, लेकिन गया जंक्शन पर अब भी पुराने आदेश के अनुसार ही भुगतान किया जा रहा है। इससे रेलवे बोर्ड के ताजा आदेश के अनुपालन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
रेलवे बोर्ड का क्या है आदेश
रेलवे बोर्ड ने 15 जून 2018 को जारी आदेश के तहत शवों के निष्पादन एवं कफन उपलब्ध कराने के लिए ₹1,000 से बढ़ाकर ₹5,000 (या वास्तविक व्यय, जो कम हो) भुगतान करने का प्रावधान किया था।
इसके बाद रेलवे बोर्ड ने 04 मई 2026 को एक नया आदेश जारी कर इस राशि को ₹5,000 से बढ़ाकर ₹7,000 (या वास्तविक व्यय, जो कम हो) कर दिया। आदेश में इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने की बात कही गई है।
गया जंक्शन पर पुराना आदेश प्रभावी, उसी के अनुसार हो रहा भुगतान
जानकारी के अनुसार, गया जंक्शन पर शवों के निष्पादन का कार्य करने वाले व्यक्ति को अभी भी ₹5 हजार ही दिए जा रहे हैं। रेलवे सूत्रों का कहना है कि अगस्त महीने में दो शवों के निष्पादन के एवज में स्टेशन अधीक्षक (एसएस) की अनुशंसा के बाद कुल ₹10 हजार का भुगतान किया गया, अर्थात प्रत्येक शव पर ₹5 हजार।
रेलवे अधिकारियों से पूछा गया सवाल, नहीं मिला जवाब
इस संबंध में एक मीडिया हाउस ने पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र से यह जानने का प्रयास किया कि रेलवे बोर्ड के 2026 के आदेश के बावजूद गया जंक्शन पर ₹7 हजार का भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।
इसी तरह डीडीयू मंडल के डीआरएम उदय सिंह मीना से भी उनके सरकारी व्हाट्सएप नंबर पर इस संबंध में प्रश्न पूछा गया, लेकिन उनकी ओर से भी कोई उत्तर नहीं मिला है।
नया आदेश लागू करने का निर्देश नहीं मिला
इधर, गया रेल थाना की पुलिस ने भी स्टेशन प्रबंधक से मिलकर रेलवे बोर्ड के नए आदेश के अनुसार ₹7 हजार भुगतान करने की मांग की। उन्हें रेलवे बोर्ड के 2026 के आदेश की प्रति भी दिखाई गई।
रेल पुलिस के एक पदाधिकारी ने बताया कि स्टेशन प्रबंधक का कहना है कि रेलवे बोर्ड का आदेश तो जारी हुआ है, लेकिन उसे प्रभावी ढंग से लागू करने के संबंध में विभागीय स्तर से उनके पास कोई अलग निर्देश या पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। इसलिए अभी पुराने आदेश के अनुसार ही ₹5 हजार का भुगतान किया जा रहा है।
बड़ा सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब रेलवे बोर्ड ने 4 मई 2026 को ही तत्काल प्रभाव से भुगतान राशि बढ़ाकर ₹7 हजार करने का आदेश जारी कर दिया, तो तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी गया जंक्शन पर इसका अनुपालन क्यों नहीं हो रहा है?
क्या विभागीय स्तर पर आदेश का क्रियान्वयन नहीं हुआ, या फिर स्थानीय स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है? इसका जवाब अब रेलवे प्रशासन को देना होगा।

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