पटना: बिहार के वित्त रहित कॉलेजों के शिक्षकों के वेतनमान की लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। शिक्षकों के सम्मान और उनके अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए विधान परिषद सदस्य (MLC) डॉ. नवल किशोर यादव ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और शिक्षकों की मांगों को प्रमुखता से रखा। साथ ही वितरहित शिक्षकों की मांग को लेकर लंबे समय से जो लड़ाई लड़ रहे हैं डॉ नवल किशोर यादव उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की बातों से संतुष्ट हुए।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री का रुख बेहद सकारात्मक रहा और उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान के निर्देश जारी किए।
मुख्यमंत्री स्तर पर लिए गए त्वरित निर्णय एवं निर्देश:
- चीफ सेक्रेटरी को तुरंत निर्देश: वार्ता के दौरान ही मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से फोन पर बातचीत की और वित्त रहित शिक्षकों के वेतनमान के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
- समीक्षा बैठक का शेड्यूल: मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, मंगलवार से गुरुवार के बीच वित्त रहित कॉलेजों के वेतनमान के मुद्दे पर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी।
- उसी दिन लिया जाएगा निर्णय: बैठक के दिन ही वेतनमान की रूपरेखा और मांगों पर अंतिम निर्णय तय करने का लक्ष्य रखा गया है।
- जनप्रतिनिधियों और कमेटी के साथ बैठक: उच्चस्तरीय बैठक के 2 से 3 दिनों के भीतर संबंधित जनप्रतिनिधियों और गठित कमेटी के साथ एक संयुक्त बैठक की जाएगी।
- विधिवत घोषणा जल्द: सभी पक्षों के साथ बातचीत और प्रक्रिया पूरी होते ही शिक्षकों के पक्ष में विधिवत आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।
डॉ. नवल किशोर यादव ने दोहराया कि वे शिक्षकों के सम्मान, अधिकार और उनके हितों की रक्षा के लिए सदैव समर्पित और प्रतिबद्ध हैं। इस सकारात्मक पहल के बाद वित्त रहित शिक्षकों में वेतनमान को लेकर नई उम्मीद जगी है।

