जमुई के कोयल नदी के तट पर नरेंद्र सिंह का संपन्न हुआ अंतिम संस्कार
जमुईः जमुई के लाल पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह का आज राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर अपने बचपन के मित्र नरेंद्र सिंह जी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भाजपा के संस्थापक सदस्य आर0के0सिन्हा देहरादून से जमुई पहुंचे। अपने मित्र को जब मुखाग्नि दी जा रही थी तो आरके सिन्हा फफक पड़े।

श्री सिन्हा ने नरेंद्र सिंह के साथ गुजरे कल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि कल दोपहर में जब मुझे मेरे परम मित्र जे० पी० सेनानी और लालू जी और नीतीश जी के मंत्रिमंडल में वरिष्ठ मंत्री रहे भाई नरेन्द्र सिंह के देहावसान का समाचार प्राप्त हुआ तब मैं अपने विद्यालय दी इंडियन पब्लिक स्कूल, देहरादून में था। कल ही मेरा ग्रीष्मावकाश के बाद विद्यालय खुला है। खैर, इस समाचार के पाने के बाद रुकने का कोई मतलब ही नहीं था। दिल्ली होते हुये जब पटना पहुंचा तब पता चला कि पार्थिव शरीर जमुई के लिये निकल गया है। किसी तरह पटना में रात बिताई और सुबह जमुई के लिये निकल पडा। समय से कोयल नदी के तट पर पहुंचा जहां हजारों की भीड़ “ वीर नरेन्द्र अमर रहें“ का नारा लगा लगा रही थी। 21 तोपों की सलामी के बीच अंतिम दर्शन कर भावांजलि अर्पित उन्हें नम आंखों से विदाई दी।

आरके सिन्हा ने आगे बताया कि नरेंद्र भाई हमारे स्ट्रगल के दिनों के साथी रहे हैं। इनके पिता जी जब मंत्री थे उस समय मैं बतौर पत्रकार उनके यहां जाया करता था। श्री सिन्हा ने कहा आज मैंने अपने बचपन के मित्र को खो दिया, उनकी यादें हमारे जेहन में हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि जमुई जिला को विकास के मानचित्र पर लाने के साथ-साथ नक्सल मुक्त बनाने वाले नरेंद्र सिंह की कार्यशैली हमेशा स्वर्णाक्षर में अंकित रहेगा। जिला को नक्सल मुक्त बनाने को लेकर कई स्थानों पर एसएसबी, सीआरपीएफ कैंप स्थापित कराने का भी इन्होंने काम किया था। स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, सिंचाईं, आवागमन व्यवस्था को सुदृढ़ करने में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाने वाले जननेता नरेंद्र भाई द्वारा किया गया सामाजिक कार्य भी अतुलनीय है।

