डॉ. सुरेन्द्र सागर, आरा
आरा नगर निगम चुनाव को लेकर प्रचार अभियान अब पूरी तरह जोर पकड़ने लगा है।मेयर पद के लिए कई प्रत्याशी मैदान में हैं।सबके सब अपनी जीत के दावे कर रही हैं।कोई राजनेता की पत्नी हैं तो कोई सामाजिक कार्यकर्ता के परिवार से नाता रखती हैं।सबके पोस्टर पर उम्मीदवार की तस्वीर के साथ साथ उनके पति की तस्वीर आजादी के 75 सालों के बाद भी लोकतंत्र में महिलाओं की स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन पर सवाल खड़े करते दिख जाती हैं।
इन सबके बीच एक ऐसी युवा उम्मीदवार आरा नगर निगम के चुनाव में मेयर प्रत्याशी के तौर पर तेजी से उभर कर सामने आई हैं जिन्होंने नामी गिरामी परिवार से जुड़ी कई उम्मीदवारों के साथ साथ धनबल और बाहुबल के सहारे चुनाव जीत कर मेयर बनने के सपने को चकनाचूर करके रख दिया है।
आरा नगर निगम के मेयर की वह उम्मीदवार हैं स्वीटी कुमारी।
स्वीटी कुमारी के साथ भी उनके पति प्रिय रंजन उर्फ गोनू की कहीं कहीं तस्वीर तो दिख जाती हैं किंतु वे स्वयं अपनी पहचान के साथ चुनाव मैदान में हैं और उन्हें आरा नगर निगम क्षेत्र के मतदाताओं का भारी समर्थन मिल रहा है।
नगर निगम चुनाव में स्वीटी कुमारी के पक्ष में आंधी की तरह शुरू हुई मतदाताओं की गोलबंदी अब तूफान से भी आगे निकलकर सुनामी में बदल गई है।
स्वीटी कुमारी के समर्थन में आगे आ रहे लोगों का जनसैलाब यह बताने के लिए काफी है कि इस बार आरा नगर निगम को एक ऐसी मेयर मिल सकती है जो आने वाले दिनों में लोकतांत्रिक व्यवस्था की जड़ें मजबूत करते हुए जनतंत्र का नया कीर्तिमान स्थापित करेंगी।
जहां जातीयता, क्षेत्रीयता,संकीर्णता,धनबल,बाहुबल,धर्म और मजहब पर आधारित राजनीति को मतदाता उखाड़ फेंकेंगे और अपने शहर की तस्वीर को बदलने के लिए नई सोच,नई आशाएं और नए नेतृत्व के तौर पर अद्भुत प्रतिभा की धनी युवा उम्मीदवार स्वीटी कुमारी की शानदार जीत सुनिश्चित कर इतिहास लिख देंगे।
आरा नगर निगम के चुनाव मैदान में उतरी मेयर उम्मीदवार स्वीटी कुमारी ने अपनी प्रतिभा से मतदाताओं को इतना आकर्षित कर लिया है कि चुनाव प्रचार में वह जहां भी जाती हैं लोगों को बस अपना बना लेती हैं।अपनी बेबाक बोली,आत्मविश्वास से भरे अंदाज और आरा शहर के विकास को लेकर तय ग्यारह एजेंडे यहां के मतदाताओं को बरबस ही युवा उम्मीदवार स्वीटी कुमारी के पक्ष में खड़े हो जाने को विवश कर देते हैं।लोग कह उठते हैं कि इतनी शिक्षित और अद्भुत प्रतिभावान उम्मीदवार हमने कभी नही देखा।
स्वीटी खुद से अपनी गाड़ी ड्राइव कर लोगों के बीच पहुंचती हैं और एक एक घर जाकर जनसंपर्क कर रही हैं।स्वीटी चल देती हैं तो लोगो का सैलाब उमड़ पड़ता है,कारवां बन जाता है और जहां ठहर जाती हैं वही जनसभा हो जाती है।चुनाव प्रचार और जनसंपर्क का यह सिलसिला अहले सुबह से शुरू होता है तो देर शाम तक चलता है।
जन जन की जुबान पर स्वीटी ही स्वीटी हैं तो इसके पीछे स्वीटी की सोंच,साहस, समाज के प्रति समर्पण,स्वयं की सामाजिक पृष्ठभूमि,संघर्ष और स्वावलंबन का उनमें सम्पूर्ण समन्वय ही सबसे बड़ा कारण है।
आरा के सम्पूर्ण एवं सर्वांगीण विकास के लिए उनके पास जो सोंच है वह शायद किसी के पास नही है।स्वीटी के सोशल मीडिया पर जारी और पोर्टल न्यूज चैनलों पर चल रहे एक एक इंटरब्यू को लोग बड़ी ही गंभीरता से ले रहे हैं और कहते हैं कि स्वीटी जैसे उम्मीदवार को जब तक मेयर बनाएंगे नही तब तक चुप बैठेंगे नही।
स्वीटी कुमारी को सामाजिक,राजनैतिक,सांस्कृतिक,व्यावसायिक,शैक्षणिक,न्यायिक,चिकित्सकीय क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ साथ युवाओं,महिलाओं,किसानों आदि का भारी समर्थन मिल रहा है।
लोकतंत्र में जनता की ताकत से प्रतिभा को आगे आने और सांवैधानिक पदों पर बैठ कर जनता की सेवा करने का मौका मिलता है।
इस बार आरा नगर निगम के चुनाव में स्वीटी कुमारी को यह मौका देने को मतदाता बेताब हैं और आगामी 28 दिसंबर को होने वाले नगर निगम चुनाव में चुनाव चिन्ह तुरही छाप पर बटन दबाकर इतिहास बनाने का इंतजार कर रहे हैं।
स्वीटी कुमारी के आरा नगर निगम मेयर चुनाव का विजय रथ निरंतर आगे बढ़ता जा रहा है।

