शिक्षक समाज ने डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र से किया परिवर्तन सभा का आगाजः जीवन कुमार

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डुमरांवः  शिक्षक समाज ने डुमराव से किया परिवर्तन सभा की आगाज। ये बातें गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सह भाजपा नेता जीवन कुमार ने डुमरांव में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षकों से मिले आशीर्वाद के बाद संबोधित करते हुए कहा।उन्होंने कहा कि आज शिक्षकों को मुखिया के शिक्षक विधान परिषद के शिक्षक के नाम से पुकारा जाता है,जो उनके लिए अपमान से कम नहीं है। शिक्षक एक शिक्षक होता है। उसका कोई उपनाम नहीं होता है।इसे मिटाकर सभी शिक्षकों को एक प्लेटफार्म पर लाना होगा, तभी शिक्षकों का सही सम्मान होगा।इस की लड़ाई लोकसभा,विधानसभा तक लड़ना होगा। सरकार के 52 विभाग है, उसमें कार्य करने वाले सभी कर्मी को राज्य का दर्जा दिया जाता है तो शिक्षक को क्यों नहीं?इतना ही नहीं एक तो उनका वेतन कम है उसमें भी सरकारी छुट्टी का पैसा काट कर भुगतान किया जाता है।ऐसा नहीं होना चाहिए।इतना ही नहीं सरकार जब बजट पास करती है तो उसमें शिक्षा विभाग का अधिक होता है बावजूद शिक्षकों को सम्मानजनक  वेतन नहीं मिल पाता है।इसकी लड़ाई हमें लड़नी होगी और शिक्षकों को सम्मान दिलाना होगा।ऐसे में शिक्षकों के हक और हुकूक के लिए आपका जीवन कुमार आपके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है और आपकी हर लड़ाई लड़ने से कभी पीछे नहीं हटूंगा। उन्होंने शिक्षकों के स्थानांतरण के मसले को रखते हुए कहा कि दूर दराज से आने जाने वाले शिक्षकों को काफी परेशानी हो रही है। बावजूद सरकार इस पर पहल नही कर रही है। ऐसे में मैं चुप नही बैठने वाला हूँ।

इसके साथ ही उन्होंने अतिथि शिक्षकों के साथ ही वित्त रहित महाविद्यालय से जुड़े शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की समस्या ध्यान में रखते हुए कहा कि उनके हक की लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके पहले जीवन कुमार व  समारोह की अध्यक्षता कर रहे इंटर कॉलेज डुमरांव के प्राचार्य सुमन चतुर्वेदी,शेषनाथ दूबे, यतीन्द्र चौबे,प्रो मनोज तिवारी, प्रो मार्कण्डेय दूबे, प्राचार्या मीरा गुप्ता,पुष्पा कुमारी आदि ने संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्ज्वलित कर सम्मान समारोह की शुरुआत की। जहां मंगलाचरण जगदीश ने किया। कार्यक्रम का संचालन अखिलेश पांडेय ने किया। इसके साथ ही उन्होंने समारोह में छह सौ से अधिक शिक्षक व शिक्षिकाओं को शॉल से सम्मानित किया। जहां शिक्षकों ने उन्हें अपना आशीर्वाद व सम्मान दिया। धन्यवाद ज्ञापन रामकुमार ने किया।

इस दौरान ज्योति कुमार,पूर्व प्राचार्या पुष्पा कुमारी,सुनील कुमार,संजय यादव, विमल यादव ,प्रो धनन्जय दूबे,प्राचार्य मीरा गुप्ता,तेजनारायण पांडेय,पशुपति नाथ सिंह, दीपक कुमार,मुन्ना पासवान, सुनीता श्रीवास्तव, प्रो.नीतू सिन्हा, रमेश गुप्ता, विशाल कुमार,कृष्णा यादव, सिकन्दर कुमार, अनिल कुमार, तनवीर रब्बानी,नफीसा नाज,सूरज प्रसाद,बिंदु श्रीवास्तव, कविता कुमारी, कंचन यादव, रूबी रंजन श्रीवास्तव, सुनील प्रसाद, हेमन्त मिश्रा,श्वेतांश, मीरा सिंह मीरा, अजय चौबे, शिवजी सिंह, हरिओम, अशोक सिंह,रमेश गुप्ता, सारिका कुमारी, रमेश सिंह, कामता चौबे,चन्दन सिंह,धनन्जय सिंह,मनु सिंह, गोला मिश्रा,मो इकबाल,प्रो श्रीकांत सिंह, प्रो सत्येंद्र देव राय,डॉ सुरेन्द्र राय, मदन कुमार राय,प्रो अभय पांडेय आदि रहें। इसके बाद उन्होंने प्रो अम्बिका सिंह के घर पहुंच कर उनका हाल जाना।

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