आरा में रमना का महावीर मन्दिर व रामलीला मैदान का इलाका खतरों से खाली नही,आवारा पशुओं के हमले का शिकार हो रही छात्राएं,महिलाएं व बच्चे

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शाहाबाद ब्यूरो
आरा के रमना मैदान में महावीर मन्दिर और रामलीला मैदान के आमने सामने का का स्थान आवारा मवेशियों की वजह से आम नागरिकों के लिए खतरा बना हुआ है।आरा शहरी क्षेत्र के लिए अतिव्यस्ततम एवं सार्वजनिक स्थलों में से एक होने के कारण यहां प्रति दिन हजारों हजार लोग आते जाते हैं।मन्दिर होने के कारण भारी संख्या में भक्त और श्रद्धालु तो आते ही हैं साथ ही डॉ. नेमीचन्द शास्त्री उच्च विद्यालय,हरखेन कुमार ज्ञान स्थली, महन्थ महादेवा नन्द महिला महाविद्यालय,महाराजा कॉलेज समेत दर्जनों शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने जाने वाली हजारों छात्राएं इस स्थान से होकर आती जाती हैं।बावजूद इसके बाबू बाजार की तरफ से आने वाले मवेशियों को बड़ी संख्या में इस मैदान में प्रवेश करा दिया जाता है।सांड़, भैंसे,गाय और बछड़ों की संख्या दो दर्जन से अधिक रहती है।ये सभी मवेशी इस मैदान में छूटे घूमते रहते हैं और आने जाने वाले महिला,पुरुष और बच्चों पर अक्सर हमला करते रहते हैं।
आये दिन कई छात्राएं और महिलाएं इन पशुओं के हमले का शिकार होती रहती है।बाबू बाजार में रहने वाले कुछ पशु पालक इन पशुओं को इस मैदान में प्रवेश करा देते हैं और साथ ही साथ आवारा पशु भी इसमें शामिल हो जाते हैं।सार्वजनिक स्थान पर आए दिन सांड़, भैसों से खुल्लेआम गाय, भैंस का गर्भाधान कराया जाता है।सामने से छात्राएं और महिलाएं आती जाती हैं और ऐसे कृत्यों पर नजर पड़ते ही उनका सर शर्म से झुक जाता है। दिन के उजाले में और भीड़ भाड़ के बीच बाहर से गाय भैंस लेकर आने वालों से 200-300 रुपया लेकर अवांछित तत्वों द्वारा यहां गर्भाधान कराया जाता है। महावीर मन्दिर  और रामलीला मैदान के आमने सामने आए लोगों की दो पहिया और चार पहिया वाहनों को भाग दौड़ करते ये सांड, भैंसे और गायें पटक कर क्षतिग्रस्त कर देते हैं। कई बार तो लोगों के ऊपर कूद जाते हैं और उन्हें जख्मी कर देते हैं।
इस कार्य मे बाबू बाजार और  इससे सटे रमना मैदान के आसपास के अवांछित तत्वों की बड़ी भूमिका है।ये तत्व सांड़, भैंसों के हमले का शिकार होने वाले नागरिकों के विरोध करने पर उनके साथ मारपीट भी करने लगता है।
महन्थ महादेवानन्द  महिला महाविद्यालय की चहारदीवारी से सटाकर ऐसे तत्वों ने खटाल का भी निर्माण करा लिया है।
रमना मैदान और रामलीला मैदान के आमने सामने का यह सार्वजनिक  स्थान आम नागरिकों के लिए खतरा बना हुआ है जबकि जिला प्रशासन,पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम कुम्भकर्णी निद्रा में सोया हुआ है।आरा के हृदयस्थली में स्थित इस स्थान पर अभी स्थानीय सांसद और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह का भी शायद ध्यान नही जा सका है  और यही वजह है कि   रमना मैदान के सौंदर्यीकरण योजना के तहत अभी तक इस स्थान को नजरअंदाज किया गया है।
स्थानीय सांसद और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह को महावीर मन्दिर और रामलीला मैदान के आमने सामने के  इस स्थान के सौंदर्यीकरण का कार्य भी शुरू कराना चाहिए और जिला प्रशासन को अविलंब इस मैदान में सांड़, भैंसों और आवारा पशुओं के प्रवेश को रोकने के लिए  बाबू बाजार के सामने  से रमना मैदान के महावीर मन्दिर और रामलीला मैदान में प्रवेश करने वाले रास्ते को बंद करना चाहिए।

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