बैठकी : संजय सोनू : पटना ज़िन्दा है!
कला-संस्कृति और साहित्य किसी भी समाज का आईना होता है, कोई समाज कितना ज़िन्दा है यह बात पता करने का माध्यम भी यही है क्योंकि केवल सांस लेने मात्र को ज़िन्दा रहना नहीं कहते। – – – एक समय की बात है। एक रचनाकार ने एक शानदार रचना की। उस रचना को पूरे विश्व में […]
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