पटना: पूर्व विधान पार्षद और भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेता प्रो. रणबीर नंदन ने वन नेशन वन इलेक्शन बिल का समर्थन करते हुए इसे देश के लिए जरूरी करार दिया। उन्होंने कहा कि चुनावों में लगने वाला समय और पैसा इससे बचेगा। यह देश के विकास में लगेगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा में पेश किया गया बिल का विरोध करने वाले दल सरकार की किसी भी नीति के खिलाफ बोलते हैं। उन्हें इस जरूरी मुद्दे का भी विरोध केवल इस कारण करना है, क्योंकि वे हर मुद्दे पर विरोध करते हैं। उनके पास विरोध का कोई कारण नहीं है।
प्रो. नंदन ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन कानून के लागू होने के बाद एक समय में पूरे देश भर में एक साथ लोकसभा और विधानसभा के चुनाव कराए जाएंगे। अभी तक देश भर में दोनों चुनाव अलग-अलग समय पर कराए जाते हैं। इसके लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक कमिटी बनाई गई थी। इसमें 8 सदस्य थे। कमेटी का गठन 2 सितंबर 2023 को किया गया था। इसी कमेटी ने 14 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे संसद में पेश किया गया है।
डॉ. रणबीर नंदन ने कहा कि सदन से बिल के पास होने के बाद एक समय पर चुनाव कराए जाएंगे। इससे अलग-अलग चरणों में होने वाले चुनाव पर खर्च होने वाले पैसों की बचत होगी। मैनपॉवर का भी सही इस्तेमाल हो सकेगा। उन्होंने कहा कि एक देश, एक चुनाव बिल को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, गुलाम नबी आजाद समेत तीन अफसर शामिल थे। डॉ. नंदन ने कहा कि वर्ष 1952, 1957, 1962 और 1967 में लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ हो चुके हैं। हालांकि, इसके बाद इस परंपरा को आगे नहीं बढ़ाया जा सका।

